ठेकेदारी के तहत कार्य कर रहे कार्यमुक्त पंप आपरेटरों ने मंगलवार को पालिकाध्यक्ष मंसूर अहमद के आवास पहुंचकर कार्य बहाली के लिए गुहार लगाई। इन पंप आपरेटरों को अधिशासी अधिकारी प्रतिभा सिंह ने सोमवार को अचानक कार्यमुक्त कर दिया था।
पंप आपरेटरों ने पालिकाध्यक्ष से कहा कि दस वर्षों से भी अधिक समय से पंप आपरेटरों से कार्य लिया जा रहा है यदि पालिका प्रशासन द्वारा उनकी कार्य बहाली नही किया गया तो वह भुखमरी के कगार पर आ जायेंगे। कहा कि पंप आपरेटरों की सेवा उनके कार्य अनुभव के आधार पर बहाल किया जाय। पंप आपरेटरों की बात सुनने के बाद पालिकाध्यक्ष ने आश्वासन दिया है कि बोर्ड की बैठक आहूत कर सदस्यों का विचार लेकर कोई निर्णय लिया जाएगा। पालिकाध्यक्ष ने दो जून को बोर्ड की बैठक बुलाये जाने व बैठक की सूचना समय से सभासदों को उपलब्ध कराने के लिए अधिशासी अधिकारी को निर्देश दिया है। अधिशासी अधिकारी ने बताया कि शासनादेश के तहत आईटीआई डिप्लोमा धारकों से ही पंप आपरेटर का कार्य लिया जाएगा। वहीं पंप आपरेटरों का कहना है कि उन्हें कार्य अनुभव के आधार पर सेवा का अवसर दिया जाय। इस दौरान बंगाली कुशवाहा, नवीन सिंह, पंप आपरेटर राकेश कुमार, रामबाबू सोनकर, पुनवासी यादव, दीपक कुशवाहा, महादेव सहित दर्जनों पंप आपरेटर साथ रहे।