अंतिमा अपने बड़े भाई देवनारायण के साथ उसके ससुराल शादी में शामिल होने आई थी। पिता राजेंद्र बिंद ने बताया कि बिटिया पढ़ने में बहुत तेज थी। इस वर्ष बीटीसी फाइनल की थी। उसकी रुचि के कारण उसके पढ़ाई के लिए हम अपने घर ही ज्यादा रखते थे। पूरे परिवार को ये उम्मीद थी कि जल्द ही वो सरकारी अध्यापक बनेगी। वहीं, अंतिमा अपने पांच भाइयों में अकेली थी। अंतिमा को नहाते सभी ने देखा लेकिन डूबते किसी ने नहीं देखा। उसका कपड़ा घाट के किनारे मिला था।