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मिर्जापुर: स्नान के दौरान गंगा में डूबी किशोरी का शव बरामद, महिला की तलाश जारी, परिवार में कोहराम

Fri, 11 Jun 2021 10:42 AM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, मिर्जापुर

सार

 परिजनों के जाम लगाने और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद एनडीआरएफ की टीम आई। बृहस्पतिवार की शाम से एनडीआरएफ की टीम तलाश कर रही थी। शुक्रवार की सुबह किशोरी अंतिमा का शव रामगया घाट से बरामद हुआ। शव बाहर निकलते ही परिवार में कोहराम मच गया। अभी एक महिला का पता नहीं चल सका है। 
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गंगा घाट पर जमा लोगों की भीड़ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के  गोपालपुर मड़गुड़ा में गुरुवार को स्नना के दौरान गंगा में डूबी किशोरी का शव शुक्रवार तड़के बरामद कर लिया गया। वहीं गंगा में डूबी एक अन्य महिला की तलाश अभी भी जारी है। एनडीआरएफ टीम ने किशोरी अंतिमा बिंद का शव रामगया घाट के पास से बरामद किया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

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बता दें कि  विंध्याचल थाना क्षेत्र के मड़गुड़ा गोपालपुर गांव निवासी मन्ना बिंद के पुत्र महेश बिंद की शादी थी। बुधवार को बारात जिगना के बिहसड़ा गांव गई थी। बृहस्पतिवार की सुबह बारात लौटने से पहले परिवार की महिलाएं मड़गुड़ा गांव के मल्लहिया घाट पर स्नान करने गईं थीं। स्नान करते समस्या महिलाएं डूबने लगीं। इसके बाद  साड़ी फेंककर पांच महिलाओं को बाहर बचाया गया।

एक बालिका व एक महिला डूब गई थी। 25 वर्षीय अर्चना पत्नी मनोहर निवासी मझिहार कोतवाली देहात और दूसरी 13 वर्षीय अंतिमा है।  परिजनों के जाम लगाने और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद एनडीआरएफ की टीम आई। बृहस्पतिवार की शाम से एनडीआरएफ की टीम तलाश कर रही थी।
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शुक्रवार की सुबह अंतिमा का शव रामगया घाट से बरामद हुआ। शव बाहर निकलते ही परिवार में कोहराम मच गया। अभी अर्चना का पता नहीं चल सका है। जिस घर में एक दिन पहले तक  विवाह का उल्लास था वहां अब रोता बिलखता परिवार बेसुध पड़ा था। पूरे गांव में परिवार की चीखें सुनकर लोग गमगीन हैं। 

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पांच भाइयों में थी अकेली अंतिमा

अंतिमा अपने बड़े भाई देवनारायण के साथ उसके ससुराल शादी में शामिल होने आई थी। पिता राजेंद्र बिंद ने बताया कि बिटिया पढ़ने में बहुत तेज थी। इस वर्ष बीटीसी फाइनल की थी। उसकी रुचि के कारण उसके पढ़ाई के लिए हम अपने घर ही ज्यादा रखते थे। पूरे परिवार को ये उम्मीद थी कि जल्द ही वो सरकारी अध्यापक बनेगी। वहीं, अंतिमा अपने पांच भाइयों में अकेली थी। अंतिमा को नहाते सभी ने देखा लेकिन डूबते किसी ने नहीं देखा। उसका कपड़ा घाट के किनारे मिला था। 
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