पीड़ित महिला की नाै महीने से डायलिसिस चल रही थी। पिता ने अपने बेटी की जान बचाने के लिए 61 वर्ष की उम्र में किडनी का प्रत्यारोपण किया। अस्पताल में इस कार्य के लिए उनकी खूब सराहना हुई।
आईएमएस बीएचयू के शताब्दी सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक में डॉक्टरों की टीम ने मिर्जापुर के औरैया निवासी 31 साल की महिला का किडनी ट्रांसप्लांट किया। महिला की नौ महीने से डायलिसिस चल रही थी। 61 वर्षीय पिता ने किडनी डोनेट की है।
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किडनी प्रत्यारोपण की प्रक्रिया करीब छह घंटे तक चली। सर्जरी के बाद बेटी और किडनी डोनेट करने वाले पिता स्वस्थ हैं। अभी वह डॉक्टरों की निगरानी में ही रहेंगे। आईएमएस बीएचयू में किडनी ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया पिछले साल मई में 14 साल बाद शुरू हुई थी। इसके बाद से अब तक चार ट्रांसप्लांट हो चुके।
आईएमएस बीएचयू के निदेशक प्रो.एसएन संखवार के निर्देशन वाली टीम ने मंगलवार को मिर्जापुर की एक महिला किडनी ट्रांसप्लांट की है। निदेशक ने बताया कि यूरोलॉजी विभाग के प्रो. समीर त्रिवेदी, नेफ्रोलॉजी विभाग के प्रो. शिवेंद्र सिंह सहित अन्य डॉक्टरों की टीम ने ट्रांसप्लांट किया। टीम में यूरोलॉजी विभाग से डॉ. उज्ज्वल, डॉ.ललित, डॉ. यशस्वी और एनेस्थिसिस्ट डॉ. अमृता, डॉ. अब्दुल्ला ने भी सहयोग किया।