मिर्जापुर। शोहदों पर एंटी रोमियो स्क्वाड का कोई खौफ नहीं है। तीन माह में इस टीम ने 500 जोड़ों को चेक किया गया और डेढ़ सौ शोहदों पर कार्रवाई की । फिर भी छींटाकशी और छेड़खानी करने वालों पर अंकुश नहीं लग पाया है।
योगी ने सरकार का गठन होते ही प्रदेश में छेड़खानी व छींटाकशी की घटनाओं को रोकने के लिए एंटी रोमियो स्वायड का गठन किया है। इस टीम को कॉलेजों, बाजारों में शोहदों पर नजर रखनी थी। शुरुआत में तो खूब कार्रवाई की गई लेकिन बाद में मामला ठंडा पड़ गया। जरा सी ढील मिलते ही शोहदे फिर सक्रिय हो गए। पुलिस की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिले में तीन महीने के अंदर 50 से अधिक छेड़खानी के मामले थानों में दर्ज हुए हैं जिसमें अभी तक कुछ ही आरोपियों की गिरफ्तारी हो सकी है।
जिगना थाने में छेड़खानी के चार मामले आए, जिनमें शामिल सात में से चार की ही गिरफ्तारी हुई। विंध्याचल में दो मामले आए दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। जमालपुर थाने में दो मामले आए जिसमें दोनों मामलों में मुकदमा दर्ज कर पुलिस विवेचना कर रही है। अहरौरा में तीन मुकदमे दर्ज हैं। चील्ह थाने में तीन मामले आए। तीनों मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। इसी प्रकार लालगंज, हलिया, मड़िहान कछवां पड़री, चुनार अदलहाट, में भी तीन चार मामले छेड़खानी के आए। जिसमें कुछ की गिरफ्तारी हुई लेकिन कुछ आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर चल रहे हैं।
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मनमानी कार्रवाई का हुआ विरोध
मिर्जापुर। शुरुआत में एंटी रोमियो स्क्वाड कुछ ज्यादा ही सक्रिय हो गया था। उसने पति-पत्नी व अपनी मर्जी से गए प्रेमी जोड़े भी आने लगे। यही नहीं बड़े शहरों पर स्कूल व कॉलेज के छात्र छात्राएं भी परेशान हो गए। पुलिस की अभद्रता देख लोगों ने इसका कड़ा विरोध जताया तो खुद मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी को कहना पड़ा कि जो अपनी मर्जी से कही बैठा हो या घूम रहा है उसे परेशान नहीं किया जाए। उन्हीं पर कार्रवाई की जाए जिने के विरुद्ध शिकायत आए या फिर वह किसी के साथ छेड़खानी या छींटाकशी करते दिखाई दे। उसके बाद पुलिस शांत हो गई।