निवेशकों का करीब साठ करोड़ रुपये हड़प कर फरार हुए एक फाइनेंस कंपनी के निदेशकों और सीनियर डेवलपर्स रिपोर्ट दर्ज होने के नौ माह बाद भी गिरफ्तार नहीं हो सके हैं। इस कंपनी के सीएमडी और एमडी धोखाधड़ी के एक अन्य मामले में भुवनेश्वर जेल में है। जिन्हें काशीपुर लाने के लिए पुलिस ने कोर्ट से बी-वारंट हासिल कर लिया है।
जसपुर के मोहल्ला दिल्ला सिंह निवासी भजन सिंह ने 27 नवंबर 2016 को कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कहा कि काशीपुर स्टेशन रोड पर एक कांप्लेक्स में प्रयाग इंफोटेक हेरिस लिमिटेड का कार्यालय खोला गया। कई नामचीन अभिनेताओं को इस कंपनी का ब्रांड एंबेसडर बताया गया। निवेशकों को विभिन्न जमा योजनाओं में आकर्षक ब्याज का लालच देकर लोगों से मोटी रकम जमा कराई गई। कंपनी में अभिकर्ताओं के माध्यम से काशीपुर व आसपास के लोगों ने भारी धनराशि जमा कराई। खुद भजन सिंह ने एक लाख अड़तीस हजार तथा पत्नी मीना के नाम एक लाख छह हजार रुपये की राशि कंपनी में जमा कराई।
उनके अलावा अभिकर्ता तस्लीम, अब्दुल हसन, हारुन खान, प्रेम सिंह समेत सैकड़ों अभिकर्ताओं ने निवेशकों की करोड़ों की राशि कंपनी में जमा कराई। कंपनी की काशीपुर शाखा में जमा 60 करोड़ से अधिक का भुगतान निवेशकों को नहीं हो सका। पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई तो कंपनी के कर्ताधर्ताओं के खिलाफ बिहार, बंगाल, उड़ीसा में भी आर्थिक अपराध के मुकदमे दर्ज होना पाए गए।
जांच के दौरान पता लगा कि कंपनी के सीएमडी वासुदेव बागची व एमडी आविक बागची धोखाधड़ी के ऐसे ही मामले में भुवनेश्वर (उड़ीसा) जेल में बंद है। विवेचनाधिकारी जसवीर सिंह ने भुवनेश्वर जेल जाकर आरोपी पिता-पुत्र के बयान दर्ज किए। इसी आधार पर विवेचनाधिकारी ने न्यायालय में ट्रांजिट रिमांड के लिए प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। कोर्ट ने दोनों आरोपियों के लिए वारंट-बी जारी कर दिया है। विवेचना अधिकारी जसवीर सिंह ने बताया कि दोनों अभियुक्तों के खिलाफ वारंट बी भुवनेश्वर जेल में दाखिल कर दिया गया है। पुलिस शेष फरार आरोपियों की धरपकड़ के प्रयास में जुटी है।