मिर्जापुर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए नामांकन पत्रों की बिक्री के लिए रविवार को भी ब्लाक मुख्यालयों पर काउंटर खुले रहे। अधिकारी व कर्मचारी पूरे समय बैठे रहे। लेकिन नाममात्र पर्चों की बिक्री हुई।
सिटी विकास खंड मुख्यालय पर खंड विकास अधिकारी के नेतृत्व में सभी काउंटर खुले रहे। इस दौरान ग्राम प्रधान पद के लिए 25, बीडीसी सदस्य पद के लिए 35 व ग्राम पंचायत सदस्य के लिए 35 नामांकन पत्रों की बिक्री हुई। इस दौरान आरओ गिरीशचंद दुबे व बीडीओ सिटी श्वेतांक सिंह ने काउंटर पर नजर रखी। जिला पंचायत की ओर से अदेय प्रमाण पत्र जारी करने के लिए बनाया गया काउंटर बंद रहा। जिगना, छठवें दिन मात्र 120 नामांकन पत्र बिके। इसमें ग्राम प्रधान पद के 50, क्षेत्र पंचायत सदस्य के लिए 50 व ग्राम पंचायत सदस्य के लिए मात्र 20 नामांकन पत्र खरीदे गए। सीखड़, प्रधान व ग्राम पंचायत सदस्य पद के लिए मात्र एक नामांकन पत्र की खरीदारी हुई। इसी तरह क्षेत्र पंचायत सदस्य के लिए 5 पर्चे खरीदे गए। जमालपुर, स्थानीय विकास खंड में ग्राम प्रधान पद के लिए छह, क्षेत्र पंचायत सदस्य के लिए सात और ग्राम पंचायत सदस्य पद के लिए दो नामांकन पत्रों की बिक्री हुई। इस दौरान खंड विकास अधिकारी हेमंत सिंह, एडीओ आईएसबी राकेश कुमार सिंह, सहित सभी ग्राम पंचायत अधिकारी मौजूद रहे।
अदेय प्रमाण पत्र के नाम पर वसूली का विरोध
जिगना। छानबे विकास खंड में ग्राम पंचायत के अदेय प्रमाण पत्र के नाम पर वसूली का मामला प्रकाश में आया है। जिला पंचायत सदस्य की दावेदार एक महिला का आरोप है ग्राम पंचायत का अदेय प्रमाण पत्र बनवाने के नाम पर सचिव की ओर से पांच सौ रुपये वसूली किए जा रहे हैं। पैसे की लेन-देन को लेकर उम्मीदवार व उनके समर्थकों से बहसबाजी हो गई। भुक्तभोगी ने उच्चाधिकारियों से इसकी शिकायत की है। प्रभारी खंड विकास अधिकारी ऋषिमुनि उपाध्याय ने कहा कि अभी तक शिकायत नहीं मिली है।