मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को मिर्जापुर जिले के काला चावल की ब्रांडिंग की। उन्होंने विंध्य ब्लैक राइस के नाम से काला चावल की मार्केटिंग का शुभारंभ किया। अष्टभुजा डाक बंगला में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार, मुख्य विकास अधिकारी अविनाश सिंह ने मुख्यमंत्री को काला चावल के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी।
बताया कि यह चावल खाने में स्वादिष्ट होने के साथ पौष्टिक भी होता है। इसकी खेती, किसानों के लिए फायदेमंद भी है। बाजार में मौजूद चावल की तुलना में इसकी कीमत ज्यादा होती है। उप कृषि निदेशक डॉ. अशोक कुमार उपाध्याय ने बताया कि जिले में इस बार किसानों ने करीब 250 हेक्टेयर में 2500 क्विंटल काले धान का उत्पादन किया है।
कृषि उत्पादक संगठन के माध्यम से यह चावल एक किलो, दो किलो व पांच किलो के पैक में उपलब्ध कराया गया है। जिले में काला चावल की खेती नरायनपुर, जमालपुर, छानबे, राजगढ़, पहाड़ी, लालगंज, सिटी एवं हलिया में काले चावल की खेती की जाती है।
कृषि उपनिदेशक डॉ. अशोक कुमार उपाध्याय ने बताया कि काला चावल की खेती की जाए तो यह किसानों के लिए मुनाफे का सौदा हो सकता है। सामान्य चावल 25 से 80 रुपये प्रति किलो तक बिकता है। लेकिन जैविक तरीके से उगाए गए काला चावल की कीमत पांच सौ रुपये प्रति किलो तक हो सकती है।
इसके प्रयोग से कैंसर से बचाव होता है। खून में शुगर के स्तर को कम करता है और अस्थमा व रक्तचाप में भी लाभदायक है। इसमें जिंक, फास्फोरस, आयरन प्रोटीन, फाइबर व कार्बोहाइड्रेट बड़ी मात्रा में पाया जाता है।