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लक्ष्य से अधिक सफाई, फिर भी नहरें बदहाल

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नहरों की सफाई के नाम पर सरकार प्रति वर्ष करोड़ों रुपये धन खर्च करती है। फिर भी क्षतिग्रस्त नहरों के चलते टेल तक पानी नहीं पहुंचने से अन्नदाता परेशान हैं। इस वर्ष लक्ष्य के सापेक्ष अधिक नहरों की सफाई तो करा दी गई हैं बावजूद इसके नहरों की हालत बदहाल हैं।
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अधिकांश स्थानों पर नहरें जंगली घास से पटी हैं। जबकि धान रोपाई शुरू होने वाली है। रख-रखाव व नहरों के साफ-सफाई के अभाव में टेल तक पानी न पहुंचने की आशंका से किसानों के माथे पर पसीना छूट रहा है। पिछले सीजन के दौरान नहरों की हुई साफ-सफाई पर गौर करें तो सिरसी बांध में राजवाहा लक्ष्य 71.828 के सापेक्ष 167.811 किलोमीटर और माइनर लक्ष्य 167.811 के सापेक्ष 71.828 किलोमीटर साफ-सफाई कराई गई। मिर्जापुर नहर प्रखंड में राजवाहा लक्ष्य 38.895 के सापेक्ष 123.050, माइनर लक्ष्य 123.05 के सापेक्ष 63.576 किलोमीटर तक साफ-सफाइ कराई गई। इसी तरह सिंचाई खंड चुनार में राजवाहा लक्ष्य 9.507 के सापेक्ष प्रगति 261. 120, माइनर लक्ष्य 261. 120 के सापेक्ष प्रगति 9.507 किलोमीटर है। पड़री, विकास खण्ड पहाड़ी स्थित हिनौती बांध से निकली परसनपुर, टेढ़ा व चांदलेवा नहरों की मरम्मत पिछले कई वर्षों से न होने तथा टेढा व चांदलेवा नहर से संबद्ध गुरखुली नदी के साईफन को जाम होने से उससे जुड़े टेल पर बसे आठ गांवों के सैकड़ों किसानों की हजारों एकड़ जमीन पानी के अभाव में प्रतिवर्ष सिंचाई से वंचित रह जा रहे हैं। टेल पर बसे चांदलेवा, सगबना, परसनपुर, गुरखुली टेढ़ा, धनहि, पथरहा, कहुआ, टौंगा, शेषकापूरा आदि गावों के किसानों के खेतों तक पिछले 10 वर्षो से पानी नसीब नहीं हो रहा है।
ज्ञानपुर खंड 49 में मझवां से तिवारीपुर नहर में सिल्ट सफाई कार्य में जमकर अनियमितता बरती गई है। ग्रामीणों के मुताबिक कुछ दूर तक सफाई कार्य के बाद मात्र औपचारिकता ही निभाई गई है। हलिया, अदवा और सुखरा बांध के अलावा अदवा बैराज से किसानों की सिंचाई होती है। अदवा बांध से निकली नहर की लंबाई 16 किलोमीटर और सुखरा बांध से निकली नहर की लंबाई 29 किलोमीटर है। जो कि प्रयागराज जनपद के अयोध्या तथा पटेहरी घोघा मड़फा आदि सहित प्रयागराज जनपद के दर्जनों गांवों के अलावा हलिया विकासखंड के लगभग पांच दर्जन गांवों में खेतों की सिंचाई होती है। सीजन के दौरान नहरों में छोड़ा गया पानी किसानों की खेतो के बजाय नदी और नालों में बह जाता है।
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नहरों की साफ-सफाई पर एक नजर
-सिरसी बांध: राजवाहा लक्ष्य 71.828 के सापेक्ष प्रगति 167.811 किलोमीटर।
-सिरसी बांध: माइनर लक्ष्य 167.811 के सापेक्ष प्रगति 71.828 किलोमीटर।
-मिर्जापुर नहर प्रखंड: राजवाहा लक्ष्य 38.895 के सापेक्ष प्रगति 123.050 किलोमीटर।
-मिर्जापुर नहर प्रखंड: माइनर लक्ष्य 123.05 के सापेक्ष प्रगति 63.576 किलोमीटर।
-सिंचाई खंड चुनार: राजवाहा लक्ष्य 9.507 के सापेक्ष प्रगति 261. 120 किलोमीटर।-सिंचाई खंड चुनार: माइनर लक्ष्य 261. 120 के सापेक्ष प्रगति 9.507 किलोमीटर।
अवैध पुल और पुलिया निर्माण से सिकुड़ी नहरें
नगर सीमा से जुड़े खजुरी बांध से निकली राजपुर राजवाहा की नहरे और माइनर अतिक्रमण की शिकार हैं। राजपुर गांव से लेकर अर्जुनपुर गांव तक जगह-जगह नहर पटरियों पर अतिक्रमण किया गया है। पटरियों पर जहां लोग घर व मकान व मड़ई बनवाने के साथ ही रहन- सहन कर रहे हैं वहीं कई स्थानों पर लोगों के द्वारा प्लाटिंग कर मनमाने ढंग से अवैध पुल और पुलिया बनवाए गए हैं। शेरवां, अहरौरा जलाशय से संचालित नहरों की पटरियों पर लोगों के द्वारा घर, मकान बना लिए जाने से नहर सिकुड़ कर नाली के रूप में तब्दील हो गई है।
दो के बजाय मात्र एक सीजन में हो रही नहरों की सफाई
नहरों में टेल तक पानी पहुंचाने की बातें की जा रही हैं वहीं अब दो के बजाय एक सीजन में ही नहरों की सफाई कराई जा रही है। जिससे टेल तक पानी पहुंचना मुश्किल हो जाता है।
बरसात से पहले और बरसात के बाद दोनों सीजन में नहरों और माइनरों की सफाई कराई जाती थी। आधे अधूरे सफाई के चलते टेल पर बसे किसान भगवान के सहारे ही खेतीबारी करने को विवश हैं।
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