विंध्यधाम में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
- फोटो : अमर उजाला
विंध्यधाम के तमाम होटल, धर्मशाला और अतिथिगृह श्रद्धालुओं से पटा है। दूसरे राज्यों और जिलों के श्रद्धालु एक दिन पूर्व ही मां के दरबार में डेरा जमा लिए थे। शनिवार को महाअष्टमी पर चार लाख से ज्यादा भक्तों ने माता विंध्यवासिनी के दर्शन किए थे।
भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन सतर्क है। गंगा घाट से लेकर सड़क और गलियों में सतर्क बढ़ाई गई है। सुरक्षा के लिहाज से ड्रोन कैमरे से भी निगरानी की जा रही है। चप्पे-चप्पे पर तैनात पुलिस अराजक तत्वों को तलाश रही है तो वहीं भक्तों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो, इस पर भी निगाह रखे हुए है।
महाअष्टमी पर विंध्याचल पहाड़ पर महानिशा पूजन के लिए साधकों का हुजूम उमड़ पड़ा। विंध्य पहाड़ पर जगह-जगह बैठे साधक तंत्र मंत्र के माध्यम से साधना करने में तल्लीन नजर आए। साधकों ने विधि-विधान पूर्वक भैरव कुंड, राम गया घाट और अष्टभुजा पहाड़ पूजन किया। अष्टभुजा पहाड़ काली खोह, तारा देवी मंदिर, काल भैरव सहित कई अन्य मंदिरों में दूरदराज से आए तांत्रिकों ने विशेष पूजा अर्चना की।
त्रिकोण परिक्रमा करने को उमड़े भक्त
मां विंध्यवासिनी का दर्शन पूजन करने के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने त्रिकोण परिक्रमा की। प्रचंड धूप की परवाह किए बगैर भक्तों ने नंगे पांव अष्टभुजा पहाड़ पर विराजमान महाकाली और मां अष्टभुजी देवी के दरबार में पहुंचकर दर्शन किया। त्रिकोण परिक्रमा के दौरान नर-नारियों और बच्चों ने पहाड़ पर पत्थरों के माध्यम से घरौंदा बनाकर मां की आराधना की। अष्टमी पर भक्तों में मां की भक्ति के प्रति उत्साह देखते ही बन रहा था। माता का जयकारा लगाते हैं श्रद्धालुओं ने बड़ी श्रद्धा भाव से त्रिकोण पथ पर त्रिकोण परिक्रमा को पूरा किया।