टक्कर के बाद स्कूटी सवार बालू के ढेर पर गिर पड़े। कार भी बालू के ढेर पर चढ़ गई। वहां से कार सवार गाड़ी लेकर भागने लगा तो धर्मेंद्र कार में फंस गया। भागते समय कार सवार ने वहां कंबल वितरण के लिए खड़े कई लोगों को टक्कर मारी। आठ लोग घायल हो गए। इसके बाद कार सवार धर्मेंद्र को घसीटते शेरवां की ओर भागा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक 10 किमी तक शव घसीटने से पूरी सड़क पर खून के निशान थे।
कार सवार ने चंदौली के चकिया थाना क्षेत्र के मझगवां खेत में कार उतार दिया। पीछा करते हुए पुलिस पहुंची तो कार सवार एक युवक भाग गया था। एक को पुलिस ने पकड़ा। मौके पर चकिया थाना पुलिस भी पहुंची। चौकी प्रभारी शेरवां वंशनरायण शव को लेकर शेरवां आए। पीछे से आई भीड़ ने दो बजे शेरवां चौकी के बाहर सड़क जाम कर दिया। इसके बाद चौकी के गेट को धक्का देकर हंगामा करने लगे। पुलिस के बल प्रयोग करने पर हटे।
इसे भी पढ़ें; Gyanvapi Case: वादमित्र हटाने की अर्जी में संशोधन पर हुई सुनवाई, पांच जनवरी को पड़ी अगली तारीख
एसडीएम चुनार राजेश कुमार वर्मा और सीओ चुनार मंजरी राव, सीओ मड़िहान शिखा भारती अदलहाट, अहरौरा और जमालपुर थाने की फोर्स के साथ पहुंचीं। मौके पर चकिया विधायक कैलाश आचार्य भी पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को कार्रवाई के लिए कहा। समझाने पर एक घंटे बाद तीन बजे जाम समाप्त हुआ। मृतक धर्मेंद्र के मां की तहरीर पर पुलिस प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई में जुटी है। घायल स्कूटी सवार दंपती और अन्य को अस्पताल में भर्ती कराया गया।