नगर के कई मोहल्लों में नालियों की सफाई नहीं होने से वहां जल भराव की समस्या पैदा हो गई है। कहीं सिल्ट जमा होने से नाली का गंदा पानी सड़क पर बह रहा है तो कुछ जगहों पर सफाई के अभाव में नालियां जाम पड़ी हुई हैं। नगर के पेहटी का चौराहा, गिरधर का चौराहा, स्वामी दयानंद मार्ग, दुर्गादेवी, कचहरी रोड व अस्पताल के पास अधिकांश नालियां चोक हो गई हैं। इसका विपरीत असर नगर की सफाई व्यवस्था पर पड़ रहा है। इसी प्रकार जीडी बिनानी महाविद्यालय की चहारदीवारी के आसपास भी जल भराव हो गया है।
नगर पालिका मिर्जापुर के दायरे में 38 वार्ड हैं। प्रत्येक वार्ड में साफ-सफाई के लिए एक सफाई नायक व चार से लेकर आठ अथवा 10 सफाई कर्मचारी तैनात किए गए हैं। साथ ही नालियों की सफाई के लिए प्रत्येक वार्ड में बेलदार अलग से तैनात हैं। कुल 38 सफाई नायक तथा मुख्य सफाई निरीक्षक सहित पांच सफाई निरीक्षक भी तैनात हैं। कई ऐसे कर्मचारियों की भी तैनाती की गई है, जो गैंग लेकर सफाई कराते हैं। इन सबके बावजूद नगर के कई मोहल्लों में नालियां चोक हैं। अधिकांश जगहों पर नालियों का सिल्ट सूख गया है तो कहीं पर जल भराव की समस्या पैदा हो गई है। दावा तो नगर पालिका सफाई का करती है लेकिन मौके पर सफाई दिखाई नहीं देती है।
नगर पालिका क्षेत्र में छोटे-बड़े 27 नाले बनाए गए हैं। इन नालों की वार्षिक सफाई अभियान के तहत हर साल सफाई कराई जाती है, लेकिन इस बार अभी तक नालों की साफ-सफाई का अभियान अब तक शुरू नहीं किया गया है। नागरिकों ने आशंका जतायी है कि यदि अविलंब नालों की सफाई का अभियान नहीं चलाया गया तो नगर के गंदे जल की निकासी के लिए समस्या पैदा हो सकती है। बारिश के मौसम नगर में जल भराव का संकट भी पैदा हो सकता है। नगर पालिका मिर्जापुर के अधिशासी अधिकारी ओमप्रकाश का कहना है कि इस समय पूरे नगर पालिका क्षेत्र में साफ-सफाई करायी जा रही है। प्रतिदिन के कार्यों की मानिटरिंग की जा रही है। नालों की वार्षिक सफाई शीघ्र ही शुरू कराई जाएगी।