फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शहर में कई जगह धधक रहीं भट्ठियां, जहरीली गैस में घुट रहा दम

विज्ञापन
विज्ञापन
रोक के बावजूद शहर की घनी आबादी वाले मुहल्लों में पीतल के बर्तन से जुड़ी भट्ठियां बेरोकटोक धधक रही हैं। इससे निकलने वाला धुआं आबोहवा को दूषित कर रहा है। बेलन की धमक घर की नींव तक हिला दे रही हैं। भट्ठियों से निकलने वाली जहरीली गैस जहां लोगों का दम घोट रही है, वहीं प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ है। लोगों के स्वास्थ्य पर इसका प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
विज्ञापन

न्यायालय के सख्त आदेश के बाद कुछ वर्ष पहले ऐसे उद्योगों की स्थापना या उनके संचालन पर रोक लगा दी गई थी। अब फिर से पीतल के बर्तन से जुड़ी भट्ठियां धधक रही हैं। इसके संचालन से मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। पीतल के बर्तन से जुड़ी भट्ठियां व बेलन भी उसी में शामिल हैं। घनी आबादी के क्षेत्र में 40 से ज्यादा बेलन चलाए जा रहे हैं, जबकि घनी आबादी में 2019 से इन्हें बंद करने का आदेश है। 300 के आस - पास पीतल जलाने की भट्ठियां जल रही हैं, जिनमें पीतल को गलाने के लिए केमिकल और एल्युमीनियम का इस्तेमाल होता है। जिसका स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। धुआं के लिए चिमनी तक नहीं लगी है। इन्हें शहर से बाहर स्थापित करने का निर्देश दिया गया। शुरूआत में शहर के भीतर संचालित हो रहे ऐसे अवैध संयंत्रों पर कार्रवाई भी हुई, परंतु एक बार फिर व्यवस्था बेपटरी हो गई है। जहां एक ओर शहर के विभिन्न मुहल्लों में बाकायदा दिन रात भट्ठियां सुलग रही हैं,वहीं बेलन के शोर की वजह से लोगों का आराम हराम हो गया है। वायु व ध्वनि प्रदूषण का सबसे ज्यादा प्रतिकूल असर बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें