हलिया के बेलाही निवासी देवीदास की सीमा दूसरी पत्नी थी। देवीदास की पहली पत्नी की मौत हो चुकी है। उससे चार बच्चे पहले से ही हैं। सीमा की भी पहली शादी लालगंज थाना क्षेत्र में हुई थी। पहले पति से उसकी दो बेटियां मुन्नी व गोलू थी। पति की मौत के बाद उसकी शादी देवीदास से हुई थी जिससे तीसरी बेटी ममता पैदा हुई थी।
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बीते 18 अगस्त को देवीदास किसी काम से घर से निकला था। उस दिन सीमा तीन पुत्रियों गोलू (12) मुनिया (10) व ममता (8) को साथ लेकर निकली। पुत्रियों को बताया कि मजदूरी करने के लिए जा रही है। दो दिन बाद वह अपने मायके सुखड़ा बेलगवां अकेले पहुंच गई।
इधर, पुत्रियों को घर में न देख कर देवीदास ने पत्नी सीमा से पूछा तो बताया कि पुत्रियां नौकरी करने इंदौर गई हैं। मायके में भी उसने यही बात बतायी थी। इसके बाद वह लगातार देवीदास को गुमराह करती रही। बच्चियों के मामा और देवीदास ने उनकी तलाश करने की भरसक कोशिश की। अचानक से मंगलवार की रात उन तीन बालिकाओं का कंकाल हर्रा के जंगल में मिला। इस सूचना के बाद से सीमा लापता थी। शुक्रवार सुबह उसका शव मिला।