किसानों की समस्याआें को लेकर सोमवार को भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताआें ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन को आठ सूत्री ज्ञापन सौंपा।
मांग की कि किसानों की जायज मांगों को त्वरित निस्तारण किया जाए। अन्यथा भाजपाजन किसानों के साथ आंदोलन को बाध्य होंगे।
जिलाध्यक्ष बालेंदुमणि त्रिपाठी के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पर हुए प्रदर्शन में त्रिपाठी ने कहा कि वर्ष 2014-15 में मौसम की बेरूखी के कारण किसानों के रबी की फसल करीब 80 प्रतिशत ओलावृष्टि व अतिवृष्टि से नष्ट हो गई थी,
जिनकी क्षतिपूर्ति के लिए भारत सरकार ने 13 हजार रुपया प्रति एकड़ एवं राज्य सरकार ने साढ़े चार हजार प्रति एकड़ के दर से आपदा राहत निधि देने की घोषणा की थी।
इस प्रकार प्रभावित किसान को 18 हजार रुपये प्रति एकड़ प्राप्त होना चाहिए था, लेकिन प्रशासन ने पांच सौ से लेकर पांच हजार रुपये तक ही राहत राशि बांटी। यह किसानों के साथ अन्याय है।
इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे भी प्रभावित किसान हैं, जिन्हें क्षतिपूर्ति के नाम पर एक रुपया भी नहीं दिया गया। उन्होंने मांग की कि रबी फसल की क्षतिपूर्ति की धनराशि मानक के अनुसार किसानों को दिलवाया जाए।
कहा कि कि पेयजल समस्या से निजात के लिए हैंडपंपाें का अधिष्ठापन सभी गांवों में युद्धस्तर पर कराया जाए तथा गांवों में विद्युत आपूर्ति सही वोल्टेज के साथ की जाए।
किसानों से दिसंबर 2016 तक की सभी वसूली स्थगित की जाए। साथ ही सूखा अवधि के समस्त कृषि ऋण ब्याज सहित माफ किए जाएं।
प्रदर्शन में मनोज जायसवाल, रत्नाकर मिश्र, गंगा सागर दूबे, दिनेश तिवारी, बृजभूषण सिंह, श्याम सुंदर केशरी, लाल बहादुर सिंह, शैलेंद्र अग्रहरि, ओमकार यादव, विद्याधर तिवारी,
महेंद्र जायसवाल, संजय यादव, देव प्रकाश पाठक, उदयभान तिवारी, राजेंद्र प्रसाद सिंह, रमेश दूबे, लाल बहादुर सरोज, नितिन विश्वकर्मा आदि मौजूद रहे।