भदोही के सांसद डॉ. विनोद कुमार बिंद ने विंध्यवासिनी मेडिकल कॉलेज प्रशासन पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। उन्होंने महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण को पत्र लिखा है।
मां विंध्यवासिनी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के कार्यवाहक प्रधानाचार्य पर वित्तीय अनियमितता, भ्रष्टाचार व प्रशासनिक काम में लापरवाही का आरोप लगाते हुए भदोही के सांसद डॉ. विनोद कुमार बिंद ने महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण को पत्र लिखा है।
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पत्र में सांसद ने मेडिकल कॉलेज में दवाओं और उपकरणों की खरीद बाजार भाव से ज्यादा मूल्य पर खरीद करने का आरोप लगाया है। पत्र में सांसद ने प्रधानाचार्य डॉ. विश्वजीत दास पर तीन साल से लगातार क्रय अधिकारी के पद पर रहते हुए कई तरह की वित्तीय अनियमितता व भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है।
उन्होंने कहा है कि प्रधानाचार्य ने आउट सोर्सिंग पर तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी राजकुमार के चार फर्मों को जैम पोर्टल को मैन्युपुलेट करते हुए बाजार भाव से ज्यादा कीमत पर खरीदारी कर वित्तीय लाभ पहुंचाया। इन चार फर्मों के नाम जनता मेडिसिन सेंटर, जनता मेडिसिन एजेंसी, राज एंटरप्राइजेज, श्री सांई सेल्स एंड सर्विसेज हैं।
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पत्र में सांसद ने प्रधानाचार्य पर यह आरोप भी लगाया है कि मुख्य कोषाधिकारी के भतीजे के तीन फर्मों को लगातार दो साल से नियमों को ताक पर रखकर ऑर्डर किया जा रहा है। वही, कॉलेज के प्राचार्य डॉ. विश्वजीत दास ने कहा कि पत्र की जानकारी हुई है। जवाब मांगने पर शासन को स्पष्टीकरण दिया जाएगा।