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Mirzapur News: नो एंट्री खुलते ही लग जाती हैं ट्रकों की कतारें, घंटों जाम में फंसे रहते हैं छोटे वाहन और एंबुलेंस

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चील्ह चौराहे पर जाम
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मलाधरपुर मार्ग पर भी ट्रकों के कारण चार गांवों से अधिक क्षेत्रों का रास्ता प्रभावित
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मिर्जापुर। शहर में नो एंट्री व्यवस्था लागू होने के बावजूद लोगों को जाम से राहत नहीं मिल रही है। औराई से शास्त्री ब्रिज की ओर आने वाले मार्ग के दोनों पटरियों पर चार लेन में खड़ी ट्रकें नो एंट्री खुलने से पहले ही जाम लगा देती हैं। शाम सात बजे से रात 11 बजे तक आवागमन में लोगों को परेशानी होती है। नो एंट्री खुलने के निर्धारित समय का भी पालन नहीं हो रहा है। शुक्रवार रात 10 बजे के बजाय पौने 11 बजे भारी वाहनों के लिए एंट्री खुली। इसके चलते भारी वाहनों से जाम की स्थिति रही।
जाम के कारण विंध्याचल आने वाले श्रद्धालु, एंबुलेंस और स्थानीय लोग घंटों फंसे रहते हैं। जाम के कारण कई गांवों के लोगों का आवागमन प्रभावित रहता है। नगर में बड़े वाहनों के प्रवेश के लिए नो एंट्री का समय निर्धारित है। सुबह छह बजे बड़े वाहनों का प्रवेश बंद हो जाता है, इसके बाद रात 10 बजे के बाद उनके आवागमन के लिए मार्ग खोला जाता है। चील्ह तिराहे से शास्त्री पुल, बरकछा और जंगी रोड समेत विभिन्न स्थानों पर बड़े वाहनों के प्रवेश को नियंत्रित करने के लिए नोएंट्री का नियम है, लेकिन प्रभावी पालन नहीं हो पा रहा है।
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सुबह छह बजे नो एंट्री लागू होने के बाद चील्ह तिराहे पर एक लेन में वाहनों की कतार लगनी शुरू हो जाती है। नियमानुसार वाहनों को निर्धारित रूट पर एक लाइन में या फिर होल्डिंग एरिया में ट्रकों को खड़ा किया जाना चाहिए, लेकिन रात में नो एंट्री खुलने का समय नजदीक आते-आते दोनों लेन पर कतारें लग जाती हैं।

शाम सात बजे से 10 बजे तक प्रभावित रहता है मलाधरपुर समेत कई गांवों का रास्ता
नो एंट्री के कारण चील्ह तिराहे पर होने वाली अव्यवस्था का असर केवल औराई-शास्त्री ब्रिज मार्ग तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थानीय लोगों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। मलाधरपुर मार्ग पर दोपहर बाद से ही ट्रकों की लाइन लगनी शुरू हो जाती है। शाम सात बजे के बाद मार्ग की दो लेनों में ट्रकें खड़ी हो जाती हैं, रास्ता जाम हो जाता है। बाइक जाने के लिए भी सड़क नहीं बचती। ऐसी स्थिति में इमरजेंसी के दौरान चार पहिया वाहन निकल पाना कठिन हो जाता है। यह स्थिति अक्सर विवाद का कारण भी बनती है।
शाम सात बजे होल्डिंग एरिया से निकलकर ट्रकें हाईवे पर पहुंच जाती हैं
यातायात पुलिस प्रशासन की ओर से नो एंट्री वाले ट्रकों के लिए होल्डिंग एरिया बनाया गया है, जहां ट्रक खड़े होते हैं। हालांकि शाम होते ही जल्दी निकलने की कोशिश में ट्रक होल्डिंग एरिया से बाहर आने लगते हैं। एक के बजाय दो लेन में खड़े हो जाते हैं। वाहनों के निकलने के लिए रास्ता नहीं बचता। यह मार्ग मलाधरपुर, पुराना बाड़ा, चील्ह, भटेवरा, गरगेड़ी, मुगलपट्टी, मधुसूदन पट्टी और मदन पट्टी कमासिन गांवों की ओर जाता है।
पास निरस्त होने से बढ़ रही जाम की समस्या, ट्रांसपोर्ट व्यवसाय प्रभावित
विंध्य ट्रक एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल कुमार उर्फ राजू चौबे ने बताया कि नो एंट्री खुलने के बाद एक साथ ट्रकों को छोड़े जाने से जाम की स्थिति बनती है। पहले जिले की स्थानीय वाहनों और अति आवश्यक कार्य वाले वाहनों के लिए पास जारी किए जाते थे। इससे दिन के समय वाहन धीरे-धीरे निकल जाते थे और रात में अधिक भीड़ नहीं होती थी। लगभग 500 पास बनाए गए थे, जिन्हें तीन माह पहले निरस्त कर दिया गया। अब सभी वाहन सुबह छह बजे से रात 10 बजे तक खड़े रहते हैं। रात में नो एंट्री खुलने के बाद वाहन एक साथ निकलते हैं, जिससे चील्ह, बरकछा, औराई और जंगी रोड समेत कई मार्गों पर रात 10 बजे से दो बजे तक जाम की स्थिति बनी रहती है। पास व्यवस्था रहने पर दिन में ही कुछ वाहन निकल जाते थे, जिससे रात में समस्या कम रहती थी। इसके अलावा वाहनों को दोबारा चक्कर लगाने का मौका मिलता था, जिससे राजस्व को भी लाभ होता था। वर्तमान व्यवस्था के कारण ट्रांसपोर्ट व्यवसाय और राजस्व दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
महिला अस्पताल और ब्लॉक तक पहुंचने में भी दिक्कत
मलाधरपुर मार्ग से ही महिला अस्पताल और ब्लॉक तक पहुंचा जाता है। ट्रकों की लंबी कतार से मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी तरह ब्लॉक तक आने-जाने वाले लोगों को भी दिक्कत होती है।
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वर्जन
गूगल एआई से प्राप्त यातायात डेटा के आधार पर व्यवस्था में पहले से सुधार हुआ है। नटवा से पुराने बाड़ा तक, जिसमें शास्त्री पुल भी शामिल है, पहले वाहनों को गुजरने में 21 मिनट लगते थे, जो अब घटकर 13 मिनट रह गए हैं। सुबह नो एंट्री बंद होने के बाद चील्ह, बरकछा समेत तीन स्थानों पर बनाए गए होल्डिंग एरिया में भारी वाहनों को खड़ा कराया जाता है। सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में होल्डिंग एरिया को और अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। चील्ह तिराहे पर कैमरे भी लगाए गए हैं। व्यवस्था को बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
अपर्णा रजत कौशिक,पुलिस अधीक्षक
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