शासन से लाइसेंस निस्तारण संबंधी मांगी गई रिपोर्ट गलत भेजने पर एआरटीओ प्रशासन मिर्जापुर रविकांत शुक्ला को सस्पेंड कर दिया गया। डीएम द्वारा भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर प्रमुख सचिव परिवहन ने कार्रवाई की।
दो माह पूर्व शासन द्वारा जिला प्रशासन से रिपोर्ट मांगी गई थी कि कितने लाइसेंस लंबित हैं। जिस पर एआरटीओ ने बताया कि कोई भी मामला पेंडिंग नहीं है। शासन को यह बात पची नहीं और उन्होंने इसे मानने से इंकार कर दिया। इसके बाद डीएम ने एआरटीओ से जवाब मांगा। एआरटीओ ने लिखित रूप से बताया कि कोई भी मामला पेंडिंग नहीं है।
डीएम ने रिपोर्ट शासन को भेजी तो शासन ने पोर्टल की जांच कराने को कहा। जिसके बाद परिवहन विभाग के पोर्टल की जांच की गई तो पता चला कि लाइसेंस संबंधी कई मामले पेंडिंग हैं। एआरटीओ के गलत सूचना देने संबंधी मामले की जांच के बाद डीएम ने रिपोर्ट शासन को भेज दी।
इसके बाद प्रमुख सचिव परिवहन राजेश कुमार सिंह ने लाइसेंस के संबंध में गलत रिपोर्ट प्रस्तुत करने पर एआरटीओ प्रशासन रवि कांत शुक्ला को सस्पेंड कर दिया। उनको लखनऊ मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया। एआरटीओ के सस्पेंड किए जाने पर विभाग में हड़कंप मच गया है। एआरटीओ एक वर्ष से अधिक समय से जिले में तैनात थे।