मिर्जापुर। लालगंज के बामी गांव में हुए तिहरे हत्याकांड का संज्ञान लेकर मुख्यमंत्री ने दो बार और एडीजी जोन वाराणसी ने मामले का खुलासा करने के लिए तीन बार अल्टीमेटम दिया, पर जिले की पुलिस हत्यारोपियों को पकड़ने की छोड़िए, हत्या के कारण का पता नहीं लगा सकी। इसमें पुलिस के साथ बनाई गई एसआईटी, क्राइम ब्रांच, एसओजी और वाराणसी की एसटीएफ तक फेल हो गई है। अब तो लग रहा है कि मामला पुलिस के बस का नहीं है।
बामी निवासी राजेश तिवारी का पुत्र 15 वर्षीय सुधांशु, 15 वर्षीय शिवम पुत्र राकेश तिवारी व 14 वर्षीय हरिओम पुत्र मुन्नालाल तिवारी के साथ एक दिसंबर को कुशियरा जंगल में बेर खाने की बात कहकर घर से निकले थे। लापता तीन किशोरों का शव अगले दिन जंगल के बंधी में मिला। तीन किशोरों की हत्या के बाद सीएम ने मामले को संज्ञान में लेकर त्वरित खुलासा करने के लिए दो बार अल्टीमेटम दिया। तीन बार एडीजी जोन वाराणसी बृजभूषण दौरा कर चुके है। परिजन जाकर मुख्यमंत्री से मिल चुके है। मुख्यमंत्री प्रमुख सचिव, डीजीपी को 24 घंटे के लिए मामले का खुलासा करने का अल्टीमेटम दिया, पर मुख्यमंत्री के अल्टीमेटम को कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। मामले का खुलासा करने में लगेे टीम को अब तक कोई ऐसा साक्ष्य नहीं मिला है। जिससे की पुलिस हत्या के कारण का पता लगा सके। हत्या का कारण जानने के लिए पुलिस ने गांव के कई लोगों को उठाकर पूछताछ किया। पुलिस के पूछताछ पर ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ पिटाई कर जबरदस्ती हत्या करने की बात कबूलने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। जंगल से लेकर गांव तक पुलिस छानबीन कर चुकी है, पर नतीजा अभी तक शून्य ही है।