मादक पदार्थों पर पूरी तरह पाबंदी न लगने के कारण युवा पीढ़ी नशे के आदती होते जा रही है। युवा पहले शौकिया नशा करते हैं, इसके बाद धीरे-धीरे लत पकड़ लेते हैं और फिर एक दिन ऐसा आता है कि इसके बिना उनका जीना मुश्किल हो जाता है। नगर में कई विद्यालयों के बाहर नशे के सौदागर सक्रिय हैं।
वे बच्चों को नशे की लत पकड़ा दे रहे हैं। जब तक घरवालों को पता चलता है, तब तक काफी देर हो चुकी होती है। दो दिन पहले डीएम ने अफसरों को मादक पदार्थों के धंधेबाजों, खासकर विद्या मंदिर के बाहर धंधा करने वालों पर शिकंजा कसने का निर्देश दिया था।
बताते चलें कि गत वर्षों में जहरीली शराब के सेवन से जिले में 50 से भी अधिक लोगों की जान जा चुकी है। पुलिस के अनुसार एक वर्ष के अंदर 150 से अधिक लोगों को हेरोइन, गांजा और शराब की अवैध ब्रिकी के आरोप में पकड़ा गया है। इनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और अन्य धाराओं में केस दर्ज कर उन्हें जेल भेजा गया है।
हालांकि इसके बाद भी नशे के कारोबारियों पर लगाम नहीं लग पा रही है। नगर में इन दिनों नशा फैशन बन गया है। गलत संगत और कभी-कभी शौकिया युवा गुटखा, पान मसाला, शराब, गांजा और हेरोइन तक का सेवन कर रहे हैं।
मंदिर और विद्यालयों के आसपास भी शराब और अन्य मादक पदार्थों की बिक्री हो रही है।
चिकित्सकों के मुताबिक मादक पदार्थों के सेवन से कैंसर समेत अन्य बीमारियों की चपेट में लोग आ रहे हैं। पुलिस भी स्वीकार करती है कि नशे की चीजें पाने के लिए नशेड़ी अपराध तक कर बैठते हैं। मंडलीय चिकित्सालय में नशा मुक्ति के लिए तंबाकू उन्मूलन केंद्र खोला गया है। इसमें नशे से निजात पाने के बारे में जानकारी दी जाती है।