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यूक्रेन से लौटे सभी छात्र, पढ़ाई की समस्या बरकरार

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रूस के हमले के बाद यूक्रेन मे मेडिकल की पढ़ाई करने गए देश के हजारों छात्र फंस गए। इसमें मिर्जापुर जिले के भी आठ छात्र थे। जो यूक्रेन के अलग-अलग मेडिकल यूनिवर्सिटियों में पढ़ाई कर रहे थे। भारत सरकार धीरे-धीरे वहां से छात्रों को बाहर निकाला। जिले के आठ छात्र यूक्रेन में फंसे थे, वह लौट आए हैं। छात्र तो सकुशल लौट आए है, पर अब उनको पढ़ाई की चिंता सताने लगी है। यूक्रेन में फंसे जिले के लालगंज तहसील क्षेत्र से विनय कुमार पांडेय, मड़िहान तहसील क्षेत्र से अमन सिंह, चुनर तहसील क्षेत्र से श्रेया सिंह, सोनम सिंह, सदर तहसील क्षेत्र से शिवानी सिंह, सुधांशू दुबे, सौर्म्य कुमार मौर्या, शिवम सिंह बघेल अपने घर वापस लौट आए हैं। वापस लौटने के बाद सभी को अपनी पढ़ाई की चिंता सताने लगी थी। फिलहाल कुछ छात्र तो आनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं, पर अन्य छात्रों को अभी भी पढ़ाई और डिग्री की चिंता सता रही है।
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कीव यूनिवर्सिटी में 21 मार्च से शुरू होगी पढ़ाई
राजगढ़। यूक्रेन से लौटे मड़िहान तहसील क्षेत्र के नदीहार निवासी मेडिकल छात्र अमन कुमार पटेल कीव मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। अमन कुमार मेडिकल की पढ़ाई के लिए भारत से यूक्रेन 2019 में गए थे।
छात्रों के मन में अपने कैरियर को लेकर काफी परेशान बनी रही, लेकिन इन छात्रों के बारे में भारत सरकार ने उनकी शिक्षा अनवरत जारी रखने के लिए तेलंगाना मेडिकल यूनिवर्सिटी को आगे कर इन छात्रों की पढ़ाई पूरी करने की पहल की है। यूक्रेन की कीव यूनिवर्सिटी ने भी अपने छात्रों को 21 मार्च से आनलाइन पढ़ाई करने के लिए भारतीय छात्रों मेल भेजा है। अमन कुमार सिंह ने बताया कि कीव यूनिवर्सिटी के अलावा अन्य मेडिकल यूनिवर्सिटी ने तो आनलाइन पढ़ाई चालू कर दी है।
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ऑनलाइन क्लासेज से जुड़कर हो रही है पढ़ाई
ड्रमंडगंज । युद्ध की त्रासदी के कारण बीच में ही मेडिकल की पढ़ाई छोड़कर वापस स्वदेश लौटे लालगंज थाना बेलन बरौंधा चौकी क्षेत्र के धसड़ा राजा गांव निवासी विनय कुमार पांडेय इस समय आनलाइन पढ़ाई में व्यस्त हैं। विनय मेडिकल की पढ़ाई के लिए 2017 में भारत से यूक्रेन गये थे। वहां उन्होंने ओडेशा नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए दाखिला लिया था। यूनिवर्सिटी में चार वर्ष दस माह की उनकी पढ़ाई पूरी हो चुकी है। तब तक रूस और यूक्रेन के बीच अचानक युद्ध शुरू होने के कारण उन्हें एक वर्ष दो माह की पढ़ाई छोड़कर ही भारत सरकार की मदद से स्वदेश लौटना पड़ा। विनय ने बताया कि इस समय ओडेशा नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी द्वारा संचालित आनलाइन क्लास से भी जुड़कर अपनी मेडिकल की पढ़ाई जारी रखे हुए हैं।
कैरियर को लेकर अधर में है सोनम सिंह का भविष्य
अहरौरा। यूक्रेन के सुमी स्थित स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस की पढ़ाई कर अघोषित युद्ध के बदतर हालात से जान बचाकर लौटी नगर क्षेत्र के कटरा निवासी सोनम सिंह का कैरियर फंसा हुआ है। सुमी के स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी से छात्रों को कोई सूचना नहीं मिली है। जिसको लेकर इन छात्रों के माथे पर भविष्य की पढ़ाई को लेकर चिंता सता रही है। सोनम सिंह ने आशा जताई है कि भारत सरकार इन छात्रों के भविष्य को लेकर कोई न कोई रास्ता अवश्य निकालेगी।
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