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Mirzapur News: एजेंट ने झांसा देकर सोनू को दुबई की जगह भेजा अबू धाबी, मिली मौत

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अच्छे वेतन के लालच में अबू धाबी गए पिपराडाढ़ निवासी सोनू की बाॅर्डर पर सुरक्षाकर्मियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। उसके दो साथी गोली लगने से घायल हैं।
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बृहस्पतिवार को फोन पर अन्य साथियों ने सोनू के घर पर घटना की जानकारी दी। इससे परिवार सदमे में है। मां मीला देवी ने डीएम को ज्ञापन देकर बेटे के शव को यहां मंगाने की गुहार लगाई है। मीला देवी ने पीएम, सीएम और एसएसपी को भी पत्र लिखा है।
मां मीला ने बताया कि सोनू परिवार में इकलौता कमाने वाला था। एजेंट के झांसे में आकर अच्छे वेतन की लालच में सोनू दुबई में नौकरी के लिए राजी हो गया। वह 10 जुलाई 2024 को यहां से गया था। मगर एजेंट ने दुबई के बजाय अबू धाबी भेज दिया। उसकी कंपनी एनपीसी ट्रोजन यूएई ओमान बॉर्डर पर काम करती है।
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तीन दिन पहले बेटे के साथियों का फोन आया कि सोनू की हत्या हो गई है। सोनू दो-तीन लोगों के साथ खाना खाने के बाद यूएई ओमान बॉर्डर से 100 मीटर पहले टहल रहा था।
सोनू और उसके दो साथियों को सुरक्षाकर्मियों ने गोली मार दी थी और तीनों को उठा ले गए। उसके दोनों साथी हिरासत में है। मां माली के मुताबिक, सोनू दो बहनों और भाइयों में दूसरे नंबर पर था। सोनू की मौत से उसकी पत्नी बेबी, दो बेटियां और एक बेटा शोक में है।
सेफ्टी मैनेजर बोला- कुछ गलत कर रहा था सोनू : अबू धाबी स्थित कंपनी के सेफ्टी मैनेजर अली ने फोन पर सोनू की मां को बताया कि बाॅर्डर पर गोलियां चलीं थीं।
दो दिन पहले जानकारी मिली थी कि गोली से घायल सोनू की मौत हो गई। सोनू के शव को कंपनी घर भिजवाने की व्यवस्था कर रही है। मैनेजर का कहना है कि बाॅर्डर पर सोनू और उनके साथी कुछ गलत कर रहे थे, इसलिए सुरक्षाकर्मियों ने गोली चलाई थी।
बेटे को बढ़ई के काम का झांसा देकर ढुलवाते थे पत्थर : मीला देवी ने बताया कि बेटे को एजेंट के झांसे के कारण कष्ट झेलना पड़ा। 10 जुलाई 2024 को एजेंट उसे दुबई में बढ़ई का काम दिलाने के लिए ले गया। मगर उसे अबू धाबी भेज दिया। तीन महीने तक उसे नौकरी नहीं मिली। परिवार ने कर्ज लेकर 30 हजार रुपये भरण-पोषण के लिए भेजे।
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तीन महीने बाद नौकरी मिली तो उससे पत्थर ढुलवाए जाते थे। परिवार की मजबूरी के कारण सोनू को पत्थर ढोने पड़े। मीला देवी ने बताया कि 80 हजार रुपये कर्ज लेकर सोनू को विदेश भेजा था। उन्हाेंने बताया कि जब सोनू तीन साल का था, तभी पिता की मृत्यु हो गई थी। सोनू परिवार की हालत सुधारना चाहता था।
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