लालगंज। उपरौध अधिवक्ता समिति की बैठक शनिवार को तहसील के अधिवक्ता सभागार में हुई। बैठक के बाद उपजिलाधिकारी को दिए गए पत्रक में अधिवक्ताओं ने इटावा व महोबा में हुई अधिवक्ताओं की हत्या का विरोध किया। न्यायिक कार्य से विरत रहने का प्रस्ताव पारित किया। मांग की कि मारे गए अधिवक्ताओं के परिजनों को नौकरी और आर्थिक सहायता दी जाए।
बैठक में एटा के अधिवक्ता राजेंद्र शर्मा व महोबा के जिला अधिवक्ता मुकेश पाठक व मेरठ के अधिवक्ता ओमप्रकाश सिंह तोमर व तेलंगाना प्रदेश में अधिवक्ता दंपती गट्टू ओमन राय व पत्नी नागमणि की हत्या का अधिवक्ताओं ने विरोध जताया। उपरौध अधिवक्ता समिति के अध्यक्ष अरुण त्रिपाठी परिजनों को एक करोड़ रुपये व नौकरी देने की मांग की। अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग की। बैठक के बाद अधिवक्ताओं ने पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद का नारा लगाए। लगाते हुए हसील का चक्रमण कर पत्रक उप जिलाधिकारी जंग बहादुर यादव को सौंपा। इस अवसर पर केदारनाथ शुक्ला,कैलाशपति त्रिपाठी, चंद्र दत्त त्रिपाठी, पन्ना लाल सिंह पटेल, अनिल मौर्या ,चौधरी श्याम नारायण यादव, राजेंद्र मौर्य, उमाकांत मिश्र, जीत नारायण दुबे, मनोज दुबे, जनार्दन मिश्रा, राकेश दुबे, रामेश्वर मिश्रा, अनिल शुक्ला ,विजय मौर्या, विपिन तिवारी, जयप्रकाश दुबे आदि लोग उपस्थित रहे।