मिर्जापुर। उम्र कैद की सजा काट रहे बब्बन यादव की मौत ने जेल प्रशासन की कलई खोलकर रख दी है। बब्बन के सुपुर्दे खाक होते ही मानो जिला और जेल प्रशासन दोनों ही जाग उठा है। बुधवार को जेल में जहां पीएसी और नागरिक पुलिस के जवानों के बूटाें की गूंज थी वहीं गुरुवार को सफाईकर्मियों की फौज डटी रही। जलनिगम के अभियंताओं की टीम भी आई थी। यह टीम शुक्रवार से जेल में अपना काम शुरू कर देगी। गुरुवार को डीआईजी जेल की मौजूदगी में बंदियों और चिकित्सकों का बयान दर्ज किया गया। उधर, इस घटना की जांच न्यायिक मजिस्ट्रेट करेंगे।
चुनार के 35 वर्षीय बब्बन यादव की मौत से दहला जिला प्रशासन अब जेल को लेकर कोई लापरवाही अपनी तरफ से नही होने देना चाहता है। यही वजह रही कि घटना के दूसरे दिन ही जेल में व्याप्त तमाम दुर्व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए जिला प्रशासन की तरफ से पहल की गई। बुधवार को डीएम गोविंद राजू एनएस के निर्देश पर जल निगम के अभियंताओं की टीम पहुंची थी। टीम में शामिल अभियंताओं ने जेल के अंदर छह हैंडपंप और एक सबमर्सेबल पंप लगाने के लिए जगह का चयन किया। जेल में गंदगी से फैलने वाली बीमारी से बंदियों को बचाने के लिए चिकित्सकों को तो नियमित बैठने की हिदायत दी गई है। साथ ही नगर पालिका से सफाईकर्मियों से जेल परिसर और बंदियों के बैरकों की साफ-सफाई भी कराई गई। डीआईजी जेल वीके जैन दूसरे दिन भी जेल में पहुंचे थे। उनकी मौजूदगी में न सिर्फ जिला कारागार में तैनात डाक्टरों बल्कि बंदियों का भी बयान लिया गया। जेल अधीक्षक इजहार अहमद ने बताया कि जेल में पीएल गुप्ता स्थायी चिकित्सक के रुप में तैनात हैं। उनकी मदद में एक-एक दिन के अल्टरनेट व्यवस्था पर जिला अस्पताल में तैनात डाक्टर आरके श्रीवास्तव व जी प्रसाद की ड्यूटी लगती है।