मिर्जापुर। जिले के ग्राम पंचायतों के जर्जर पंचायत भवनों की दशा सुधरेगी। 88 पंचायत भवन जर्जर भवनों में संचालित हैं। इनमें से कई को निष्प्रयोज्य भी घोषित कर दिया गया है। अब इनके पुनर्निर्माण के लिए प्रयास किया जा रहा है। पीडब्ल्यूडी विभाग जर्जर भवनों का सर्वे कराएगा।
जिले में वर्तमान में 809 ग्राम पंचायतें हैं। इन सभी में अभी हाल में ही चुुनाव हुआ है। चुनाव के बाद अब इन ग्राम पंचायतों का भी हाल बदलने वाला है। हालांकि इन सभी ग्राम पंचायतों में अधिकांश में ग्राम पंचायत भवन या सचिवालय बने हुए हैं जहां पर पंचायत संबंधी गतिविधियां संचालित होती रहती है लेकिन इनमें से कई फिलहाल बंद हो गए हैं या निष्प्रयोज्य हो गए हैं। उनकी जगह अतिरिक्त कक्ष का निर्माण कराकर फिलहाल कार्य किया जा रहा है। शासन के निर्देशानुसार ऐसे पंचायत भवनों को चिह्नित किया गया और उनके ध्वस्तीकरण के लिए रिपोर्ट भेजी गई है। इसके लिए लोक निर्माण विभाग को अधिकृत किया गया है कि वे इसका सर्वे करें और किस प्रकार ध्वस्तीकरण होगा और इस पर कितनी लागत आएगी। इसका विवरण उपलब्ध कराएं ताकि आगे की कार्रवाई की जाए।
इनसेट
ग्राम सभा निधि व मनरेगा से होगा कार्य
मिर्जापुर। ग्राम पंचायत भवन के पुर्ननिर्माण का कार्य ग्राम सभा निधि एवं मनरेगा से कराए जाने की योजना है। एक भवन के निर्माण के लिए 17 लाख 56 हजार रुपये निर्धारित है। 88 ग्राम पंचायत भवन पर लगभग 15 से 16 करोड़ रुपये की लागत आने की संभावना है। इसके लिए विकास विभाग व अन्य विभागों के समन्वय की बात कही जा रही है। हालांकि अभी तक कुछ निश्चित नहीं हुआ है। ध्वस्तीकरण के बाद ही इस पर कार्रवाई होगी।
वर्जन
88 ग्राम पंचायतों का पुर्ननिर्माण किया जाना है। शासन के निर्देशानुसार लोकनिर्माण विभाग को सर्वे करने के लिए कहा गया है। उनकी रिपोर्ट मिलने के बाद शासन को भेजी जाएगी। उसके बाद ही कोई कार्रवाई होगी।
- अरविंद कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी