नगर के बिसुंदरपुर और हनुमानघाट क्षेत्र से निकलने वाला गंदा पानी सीधे गंगा में नहीं गिरेगा। पहले गंदे पानी का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) में शोधन किया जाएगा। इसके बाद ही पानी को गंगा में छोड़ा जाएगा। इससे गंगा के जल की गुणवत्ता बेहतर होगी और प्रदूषण में कमी आएगी।
गंगा में वर्षों से नालों का गंदा पानी गिर रहा है। इसे रोकने के लिए नमामि गंगे परियोजना के तहत हनुमानघाट पर आधुनिक पंपिंग स्टेशन का निर्माण कराया जा रहा है।
यहां से प्रतिदिन लगभग 0.5 एमएलडी सीवेज को करीब दो किलोमीटर लंबी पाइपलाइन से बिसुंदरपुर स्थित एसटीपी तक पहुंचाया जाएगा।
वहां अत्याधुनिक तकनीक से गंदे पानी का शोधन किया जाएगा और निर्धारित मानकों के अनुरूप उपचारित जल ही गंगा में प्रवाहित किया जाएगा। वर्तमान में पंपिंग स्टेशन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार करीब 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।