मड़िहान। फाइनेंसर बैंक का कर्मचारी बताकर जालसाजों ने हिसाब में गड़बड़ी का बहाना बनाकर अपने खाते में 70 हजार रुपये वापस मंगवा लिया। ऋणधारक बैंक पहुंचा तो राज खुल गया। पीड़ित ने थाने में तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाया।
पटेहरा गांव निवासी संतोषी देवी पत्नी दिलीप किसी आवश्यक कार्य के लिए दो दिन पूर्व मड़िहान कस्बा स्थित आरोहण बैंक प्राइवेट कम्पनी से 70 हजार रुपये का लोन लिया था। पैसे को घर ले जाकर सुरक्षित रख दिया। दो दिन बाद फोन आया कि बैंक में हिसाब नहीं मिल रहा है। जालसाजों ने बताया कि ऋण वाला पैसा खाता नम्बर पर भेज कर दो दिन बाद बैंक में आकर पैसा ले जा सकते हैं। दंपती ने नजदीकी बैंक से दिए गए खाता नम्बर पर पैसा भेज दिया। दो दिन बाद शुक्रवार को जब पति पत्नी दोनों बैंक पहुंचे तब जानकारी मिली कि बैंक से कोई कर्मचारी द्वारा फोन नहीं किया गया था। दोनों हाथ मलते रहे। ठगी के शिकार हुए पीड़ित ने थाने में शिकायत करते हुए संदेह जताया कि ऋण का पैसा बैंक कर्मियों के अलावा किसी को पता नहीं था तो फोन कैसे आएगा। कर्मचारियों ने सफाई दी कि हिसाब में गड़बड़ी होती तो सीधे बैंक से बुलाया जाता।