मिर्जापुर। आरडीएसएस योजना के तहत जिले में अभी भी 5299 जर्जर खंभे बदले जाने हैं, कार्यदायी संस्था पर 9.14 करोड़ पेनाल्टी के बाद भी काम में सुस्ती जारी है। जिले में बिजली आपूर्ति की व्यवस्था को बेहतर बनाने का काम गति नहीं पकड़ पा रहा है। निर्धारित अवधि के बाद भी काम पूरा नहीं होने पर कार्यदायी संस्था पर करोड़ों रुपये की पेनाल्टी लगाई जा चुकी है। इसके बाद भी कार्य कच्छप गति से चल रहा है। हालत यह है कि महीनों पहले जर्जर खंभों को बदलने के लिए संबंधित क्षेत्र में रखवा दिया गया, लेकिन अभी तक उनको बदलने का काम पूरा नहीं हो सका है।
आरडीएसएस योजना के तहत जिले में 121 करोड़ रुपये से जर्जर खंभों और जर्जर तारों को बदलने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। योजना यह थी कि जब तार नहीं टूटेंगे तो दुर्घटनाएं कम होंगी और लाइन लॉस भी कम होगा। इसके लिए दिसंबर 2024 तक कार्य को पूरा करने का करार कार्यदायी संस्था से हुआ। इस करार के तहत जिले के 18908 जर्जर खंभों को बदला जाना था। इसी प्रकार 1580 किमी लंबा एबीसी तार लगाई जानी थी। वर्तमान की स्थिति यह है कि अभी तक मात्र 13609 खंभे बदले गए हैं और 1065 किमी एबीसी तार ही लग सके हैं। निर्धारित अवधि के डेढ़ वर्ष बाद भी अभी 5299 खंभे बदले जाने हैं। 515 किमी लंबे एबीसी तार का लगना बाकी है। हालांकि अब कार्य की अवधि अगस्त 2026 तक बढ़ाई गई है।
इनसेट
जर्जर खंभे और तारों के चलते हो रहे फॉल्ट
जिले में अधिकांश जगहों पर जर्जर खंभे और तारों के चलते फॉल्ट हो रहे हैं जिससे विद्युत आपूर्ति बाधित हो रही है। इस तरह के खंभे व तार नगर सहित हलिया, मड़िहान, छानबे, जमालपुर आदि जगहों पर देखे जा सकते हैं। इन जर्जर खंभों व तार के चलते बिना किसी कारण के भी ब्रेक डाउन हो जाता है। इन्हीं सब समस्याओं को देखते हुए यह कार्ययोजना तैयार की गई थी।
वर्जन
कार्य की गति धीमी जरूर थी लेकिन अब यह गति पकड़ रही है। संभावना है कि अगस्त 2025 तक कार्य पूरा हो जाएगा।
- देवेंद्र पचौरिया, अधीक्षण अभियंता, विद्युत कार्य मंडल, मिर्जापुर।