मिर्जापुर। दवा बेचने में अनियमितता बरतने और मानकों की अनदेखी करने के आरोप में दवा की एक दुकान का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया जबकि दवा की छह दुकानों का लाइसेंस निलंबित करते हुए दुकानदारों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। यह कार्रवाई सहायक आयुक्त औषधि विंध्याचल मंडल अतुल कुमार उपाध्याय ने की। उन्होंने इन दुकानों पर दवा बिक्री पर रोक लगाई है।
जनपद में दवा की कुछ दुकानों पर दवाएं बेचने में अनियमितता की शिकायत मिली थी। इसके बाद औषधि निरीक्षक मनोज कुमार सिंह ने निरीक्षण किया था जिसमें को निरीक्षण के दौरान दवा की सात दुकानों में कई अनियमितताएं मिली थीं। इसके बाद उन्होंने संबंधित दवा के दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की थी। इसे गंभीरता से लेते हुए सहायक आयुक्त औषधि विंध्याचल मंडल ने जागृति मेडिकल स्टोर कसेरा का इनारा का लाइसेंस निरस्त कर दिया। वहीं मां दुर्गा मेडिकल स्टोर आवास विकास कालोनी, केशरवानी मेडिकल स्टोर सिविल लाइन, मनीष फार्मा तरकापुर, सर्राफ मेडिकल स्टोर तरकापुर संकटमोचन, सिंह मेडिकल स्टोर कछवां और हिमांशु मेडिकल स्टोर जिगना का लाइसेंस निलंबित कर दिया। इससे पहले भी चार अप्रैल को बड़ी कार्रवाई करते हुए सहायक आयुक्त औषधि ने सात दुकानों का लाइसेंस निरस्त किया था और दवा की 16 दुकानों का लाइसेंस निलंबित कर दिया था। सहायक आयुक्त ने दवा दुकानदारों से स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने निलंबित और निरस्त इन दुकानों पर दवा बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। कहा कि इस दौरान दवा की दुकान खुलने और बिक्री करने पर लाइसेंस निलंबित कर दिया जाएगा। सहायक आयुक्त औषधि, विंध्याचल मंडल अतुल कुमार उपाध्याय ने कहा कि दुकानदार फार्मासिस्ट के बिना दवाओं की बिक्री कदापि न करें। सभी मेडिकल स्टोर संचालक निर्धारित प्रपत्रों को तत्काल पूरा कर लें। जिन दुकानों पर फार्मासिस्ट नहीं है या कागजात अधूरे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। दवा की दुकानों की जांच जारी रहेगी। अनियमितता मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।