शेरवां। जमालपुर ब्लाक के ओडीएफ घोषित किए गए 12 गांवों में अब भी पहले जैसी दशा है। भले ही प्रशासन स्वच्छ भारत ग्रामीण मिशन के तहत इन गांवों में खुले में शौच मुक्त कर दिया है लेकिन सच्चाई यह है कि इन गांवों में अभी भी कई लोग खेतों में जा रहे हैं।
जमालपुर ब्लॉक में कुल 99 ग्राम पंचायतें हैं, जिसमें 12 गांवों को ओडीएफ घोषित कर दिया गया है लेकिन सच्चाई इससे परे है। स्थिति यह है कि ब्लॉक के ओडीएफ गांव सकरौडी, शेरवां, बभनी, फतेहपुर, मदनपुरा, मिर्जापुरखुर्द, कुंडाडीह, अचीतपुर, बरईपुर, डूही खुर्द, डेहरी, रसूलपुर में अब भी लोग खुले में शौच कर रहे हैं। इन गांवों ें खेतों की मेड़ों, चकरोडो के किनारे गंदगी देखी जा सकती है। ग्रामीण अब भी शौचालय नहीं होने का रोना रोते हैं। जो गांव पहले से समग्र विकसित लोहिया गांव, अंबेडकर गांव में संतृप्त हो चुके हैं, उन्हीं गांवों को शौच मुक्त गांव घोषित किया गया है। विकास खंड कार्यालय को जोड़ने वाली प्रमुख संपर्क मार्ग के किनारे बसे गांवों में अगर टीम जांच करे तो स्थिति कुछ और मिलेगी। गांवों को ओडीएफ करने का शासन का इस कदर दबाव है कि अधिकारियों के पसीने छूट गए। इसी का नतीजा है कि भले ही दर्जन भर गांव ओडीएफ घोषित किए जा चुके हैं लेकिन ये गांव पूरी तरह से खुले में शौच मुक्त नहीं हो सके हैं।
बीडीओ दिनेश प्रताप सिंह ने कहा ब्लाक के दर्जन भर गांवों में ओडीएफ कार्यक्रम चलाया जा रहा है। एक सप्ताह से घने कोहरे व ठंड के चलते कार्य धीमा चल रहा है। जल्द ही गांवों को शौच मुक्त किया जाएगा।