मिर्जापुर। कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को बाढ़ के खतरे को देखते हुए फ्लड स्टीयरिंग ग्रुप की बैठक हुई। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में अधिकारियों को समय रहते बाढ़ से बचाव और राहत की तैयारियां पूरी कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि इस बार बाढ़ प्रभावित इलाकों में कुल 37 चौकियां स्थापित की जाएंगी।
जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने अधिकारियों को बाढ़ के दौरान प्रभावित क्षेत्रों में जरूरी सामग्री पहुंचाने के साधन, आवश्यकतानुसार श्रमिकों की व्यवस्था करने, पुलिस, पीएसी तथा होमगार्ड की पेट्रोलिंग की व्यवस्था कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कंट्रोल रूम तथा बाढ़ चौकियों को सक्रिय करने के अलावा राहत सामग्री की समय से पहले व्यवस्था सुनिश्चित कराने की हिदायत दी। उन्होंने आपदा राहत के कोऑर्डिनेटर एवं सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नाविकों तथा गोताखोरों को चिह्नित कर उनके नाम, मोबाइल फोन नंबर लेकर सूची तैयार करने के अलावा पर्याप्त संख्या में नाव की व्यवस्था कराने का भी निर्देश दिया। उन्होंने एसडीएम और बीडीओ को बाढ़ के दौरान बनाए जाने वाले आश्रय स्थल आदि चिह्नित करने को कहा। बताया गया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में इस बार कुल 37 बाढ़ चौकियां स्थापित की जाएंगी। सीडीओ विशाल कुमार ने कहा कि प्रयागराज, बुलंद शहर, कानपुर आदि से बांध से पानी छोड़े जाने के बाद जिला बाढ़ से प्रभावित होता है इसके मद्देनजर अधिशासी अभियंता संबंधित जिलों के कंट्रोल रूम से संपर्क कर पानी छोड़े जाने की सूचना प्राप्त करने के साथ ही सतर्कता भी बरतें। अपर जिलाधिकारी शिव प्रताप शुक्ल ने तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस बार कुल 37 बाढ़ चौकियां स्थापित की जाएंगी।इन बाढ़ चौकियों पर लेखपाल, राजस्व निरीक्षक, ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी, पशु चिकित्सा तथा विद्युत निगम से समन्वय स्थापित कर कर्मचारियों की तैनाती कर संकलित ड्यूटी चार्ट तैयार की जाती है।