पड़री। 13 मई को आए तेज आंधी-बारिश के बाद चरमराई विद्युत व्यवस्था नौ दिन बाद भी पटरी पर नहीं लौट सकी है। अकसौली, देवाहीं और पड़री विद्युत उपकेंद्रों से जुड़े 19 गांव अब भी अंधेरे में हैं। भीषण गर्मी, उमस और पेयजल संकट के बीच 20 हजार की आबादी जूझ रही है।
ग्रामीणों में खासकर अकसौली उपकेंद्र पर चल रहे धीमे मरम्मत कार्य को लेकर भारी नाराजगी जताई है। आंधी-बारिश में बड़ी संख्या में बिजली के खंभे, तार और ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए थे। इससे 200 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी। विभागीय कर्मचारियों ने बताया कि लगातार मरम्मत कार्य कराया जा रहा है, लेकिन अब भी कई गांवों में आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। अकसौली विद्युत उपकेंद्र से सीकरी, रामनगर, धर्मदेवा, ईमिरती, बाबूपतारी, छीतमपट्टी, चौहानपट्टी, ककरहा, छटहां, माधोपुर, अधपेड़ा, रानीचौकिया, गढ़ईया, भगदना और पटिया समेत 15 गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित है।
देवाहीं विद्युत उपकेंद्र क्षेत्र पहाड़ा और सिकंदरा गांव में अब तक बिजली बहाल नहीं हो सकी है। पड़री विद्युत उपकेंद्र क्षेत्र खरहरा और बेलवन गांव भी अंधेरे में हैं। बिजली ठप होने से पेयजल आपूर्ति पूरी तरह प्रभावित हो गई है।
ग्रामीणों को दूषित पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है। गर्मी में पंखे और कूलर बंद होने से बच्चों और बुजुर्गों की हालत खराब है। पशु-पक्षी भी बेहाल हैं। बिजली आधारित छोटे उद्योग-धंधे बंद पड़े होने से लोगों की रोजी-रोटी पर भी संकट गहरा गया है। इधर, अकसौली विद्युत उपकेंद्र पर मरम्मत कार्य की धीमी गति को लेकर ग्रामीणों और बिजली कर्मचारियों के बीच आए दिन नोकझोंक की स्थिति बनी हुई है।
ब्लाक मुख्यालय जमालपुर परिसर में खराब हैंडपंप।-संवाद।