पड़री। थाना क्षेत्र के कठिनई गांव स्थित श्री अनुपम हनुमान राम जानकी मंदिर से सोमवार की रात 175 साल पुरानी श्रीराम-जानकी और लक्ष्मण अष्टधातु की मूर्तियां चोरी हो गईं। सुबह चोरी की जानकारी होने पर मंदिर के व्यवस्थापक ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने छानबीन की लेकिन चोरों का कोई सुराग नहीं मिल पाया। पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
कठिनई गांव स्थित श्री अनुपम हनुमान राम जानकी मंदिर स्थित है। सोमवार की रात मंदिर का ताला खोलकर चोर अष्टधातु की बेशकीमती मूर्तियां ले गए। भोर में मंदिर के सेवादार राजेश यादव पहुंचे तो मूर्तियां गायब थीं। उन्होंने इसकी जानकारी प्रयागराज महाकुंभ में गए मंदिर के महंत महामंडलेश्वर जयराम दास महाराज को दी। इस पर तत्काल उन्होंने अपने शिष्य बंशी बाबा को कठिनई स्थित आश्रम भेजा। वहीं, घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी सदर अमर बहादुर, थानाध्यक्ष पड़री दयाशंकर ओझा के अलावा एसओजी प्रभारी और सर्विलांस की टीम पहुंच गई। पुलिस की छानबीन में चोरों का कोई सुराग नहीं मिला। बंशी बाबा ने तहरीर में बताया कि राम, लक्ष्मण और माता जानकी की अष्टधातु की अति प्राचीन मूर्तियां चोरी हुई हैं। चोर पीतल की मूर्तियां नहीं ले गए।
कोट-
आश्रम से मिली तहरीर के आधार पर मूर्तियों की चोरी का मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही चोरी का खुलासा किया जाएगा। - अमर बहादुर, सीओ सदर
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मंदिर की सुरक्षा में लगे थे एक सेवादार और दो पुजारी
बंसी बाबा ने बताया कि मंदिर के महंत महामंडलेश्वर जयराम दास महाराज के साथ वह प्रयागराज गए थे। मंदिर की सुरक्षा के लिए एक सेवादार व दो पुजारी थे। रोज रात में मंदिर बंद करने के बाद चाबी आश्रम में रखी जाती थी। चोर मंदिर का ताला खोल कर 175 वर्ष पुरानी अष्टधातु की मूर्तियां ले गए हैं। बताया कि तीनों मूर्तियां काफी वजनी थीं।
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2007 में हुआ था मंदिर का जीर्णोद्धार
गांव के जोखू राम, मूलचंद यादव, दशरथ गोड़ आदि बुजुर्गों ने बताया कि शत्रुघ्न दास महाराज ने 1850 में अष्टधातु की मूर्तियां कोलकाता में बनवाकर यहां स्थापित कराई थी। मंदिर की हालत खस्ता होने के कारण 14 साल वाराणसी स्थित आश्रम में तीनों मूर्तियां रखवा दी गई थीं। वर्ष 2007 में मंदिर का जीर्णोद्धार होने के बाद ब्रह्मचारी ओंकार दास महाराज ने दोबारा यहां तीनों मूर्तियों की स्थापना कराई थी।
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मंदिर के मालिकाना हक को लेकर चल रहा विवाद
श्री अनुपम राम, लक्ष्मण जानकी मंदिर के नाम से 52 बीघा जमीन बताई गई है। इसके मालिकाना हक के लिए दो महंतों में न्यायालय में मुकदमा चल रहा है। बंशी बाबा ने बताया कि विवाद की वजह से सात फरवरी 2024 को उनके ऊपर जान लेवा हमला किया गया था। पहले मंदिर की सुरक्षा के लिए दो गार्ड तैनात किए गए थे, जो बाद में हटा लिए गए।