मिर्जापुर। विंध्याचल मंडल के तीन जिलों में स्थित साधन सहकारी समितियां जल्द ही कंप्यूटरीकृत की जाएंगी। इससे साधन सहकारी समितियों के कार्यों में पारदर्शिता आएगी। साथ ही किसानों को उर्वरक, बीज सहित सहकारी बैंकों में भुगतान में काफी सहूलियत होगी। नई व्यवस्था के लिए मंडल के सहकारिता विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को लखनऊ में प्रशिक्षित किया जाएगा।
सरकार साधन सहकारी समितियों के माध्यम से पारदर्शिता के साथ किसानों को खाद, बीज, उर्वरक आदि पहुंचाने का प्रयास कर रही है। साधन सहकारी समितियों के कार्यों में पारदर्शिता लाई जा रही है ताकि कोई गड़बड़ी न सामने आए। इसके तहत साधन सहकारी समितियों को कंप्यूटरीकृत करते हुए समिति के सदस्य किसानों का विवरण जल्द ही ऑनलाइन किया जाएगा। इससे सहकारी समितियों और सहकारी बैंकों के कार्य में सहूलियत होगी। सहकारी समिति के सदस्य किसानों का विवरण ऑनलाइन होने से सहकारी बैंकों में किसानों को भुगतान में काफी आसानी होगी। वर्तमान समय में किसानों को खाद, उर्वरक, बीज आदि का वितरण प्वाइंट आफ सेल पास मशीन के माध्यम से किया जा रहा है। प्वाइंट आफ सेल से बिकने वाले सामानों की फीडिंग में भी काफी सहूलियत होगी। वर्तमान में मंडल के मिर्जापुर में 86, सोनभद्र में 64 और भदोही में 52 सहित कुल 200 सहकारी समितियां कार्य कर रही हैं। मंडल के मिर्जापुर और सोनभद्र में कचहरी परिसर में जिला सहकारी बैंक चल रहा है। जिले के किसानों को यूरिया की किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा। एआर कोआपरेटिव रत्नाकर सिंह ने बताया कि जल्द ही 2800 एमटी यूरिया की रैक आ रही है। उपलब्ध होते ही यूरिया साधन सहकारी समितियों पर भेजा जाएगी।
रत्नाकर सिंह, सहायक निबंधक सहकारिता ने बताया कि पहले चरण में विंध्याचल मंडल के मिर्जापुर और सोनभद्र के अधिकारियों और कर्मचारियों को 20 अगस्त को लखनऊ में प्रशिक्षण दिया जाएगा।