बागपत के मिर्धानपुरा मोहल्ला में दो साल पहले एक ही परिवार के तीन लोगों की बेरहमी से हत्या कर दिए जाने की दिल दहला देने वाली वारदात में फैसले की घड़ी आ गई है।
तिहरे हत्याकांड के 20 में से 19 मुल्जिमों को मंगलवार को कत्ल का दोषी पाया गया है।
एक मुल्जिम पर चार्जशीट देरी से होने के चलते उसका केस लंबित है। बाकी सभी 19 को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेंद्र बाबू शर्मा आज (बुधवार) को सजा सुनाएंगे।
क्या था मामला
घटना छह अप्रैल 2011 को हुई थी। मिर्धानपुरा मोहल्ले में हाजी हमीद के परिवार की एक लड़की बाजार जा रही थी। रास्ते में मिर्धानपुरा के ही वाहिद और सोनू ने उसके साथ छेड़छाड़ की। लड़की ने घर आकर बताया।
हमीद और उनका भाई नवाबुद्दीन उर्फ भूरा इसकी शिकायत लेकर सोनू के घर गए। वहां से जवाब मिला कि वे सोनू और वाहिद को लेकर उनके (हमीद के) घर आ रहे हैं।
करीब आठ बजे 20 लोग तमंचे, तलवार, लाठी-डंडे लेकर पहुंचे और अंधाधुंध फायरिंग की तथा तलवारों से हाजी हमीद के पूरे परिवार पर हमला किया।
हमले में हाजी हमीद की मौके पर मृत्यु हो गई। गंभीर रूप से जख्मी हुए उनके भाई नवाबुद्दीन उर्फ भूरा ने उपचार के लिए दिल्ला जाते समय दम तोड़ दिया। उनके घायल भतीजे साबिर की दो दिन बाद मृत्यु हो गई। शकीला और वरीसा भी गंभीर रूप से जख्मी हुए।
क्या हुई कार्रवाई
हमीद के परिवार के रफीक ने 20 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। इनमें वाहिद, ताहिर और जाहिद सगे भाई हैं। इसी तरह अनीस और अमीर भी भाई हैं। सोनू और सन्नो भाई-बहन हैं। बाकी अभियुक्त भी मिर्धानपुरा के रहने वाले हैं।
अपर शासकीय अधिवक्ता अजय शंकर शर्मा ने बताया कि मुल्जिमों में वाहिद के फरार रहने के चलते उस पर आरोप पत्र देरी से दाखिल हुआ। उसका केस अलग चल रहा है। बाकी सभी 19 आरोपियों में तिहरे हत्याकांड का दोष सिद्ध पाया गया। एडीजे प्रथम राजेंद्र बाबू शर्मा बुधवार को इन्हें सजा सुनाएंगे।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता रामपाल सिंह नेहरा ने बताया कि यह दिल दहला देने वाली घटना थी। हत्या के आरोपियों पर दोष साबित हो गया है। आज फैसला आ जाएगा।
वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी संदीप सिंह ने बताया कि यह मामला जनपद बागपत में चिह्नित पांच अभियोगों में से पहले नंबर पर था। शासन की ओर से मुकदमे की बार-बार समीक्षा की जा रही थी।