आईएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल के निलंबन के बाद खनन माफिया के हौसले बुलंद हो गए हैं।
नोएडा के रायपुर गांव में अवैध खनन का विरोध कर रहे एक किसान की बुधवार सुबह घर में घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्या का शक क्षेत्र में सक्रिय खनन माफिया पर है।
किसान ने कई बार खनन माफिया की पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों से लिखित व मौखिक शिकायत की थी।
पुलिस अवैध खनन की शिकायत के चलते हत्या की बात से इंकार करते हुए मामला रास्ता निकालने के विवाद का बता रही है। विवाद दिल्ली पुलिस में तैनात एक सिपाही से है, जिसका बेटा अवैध खनन के मामले में जेल से हाल ही में छूटा है।
एसपी सिटी योगेश सिंह ने बताया कि रायपुर गांव निवासी पालेराम चौहान (52) सुबह 11:45 बजे घर से सटे घेर में बैठकर चाय पी रहा था। घर पर पत्नी संतोष देवी, बेटा रविंद्र व बड़े बेटे आकाश की पत्नी मौजूद थी।
इस दौरान बाइक सवार दो युवक घेर में आए और पालेराम पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। गोलियों की आवाज सुनकर रविंद्र बाहर निकला।
पिता को लहूलुहान देखकर पड़ोसी आनंद की मदद से कैलाश अस्पताल ले गया। यहां डाक्टरों ने पालेराम को मृत घोषित कर दिया।
बेटे आकाश ने हत्या की रिपोर्ट थाना सेक्टर-39 में दर्ज कराई है। आकाश ने रायपुर निवासी दिल्ली पुलिस के सिपाही और उसके बेटों पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
अवैध खनन का विरोध भारी पड़ा
रायपुर गांव के कई ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, खनन अधिकारी व पुलिस अधिकारियों से क्षेत्र में चल रहे अवैध खनन की कई बार शिकायतें कीं।
इनमें पालेराम भी एक था। पालेराम की जमीन से रास्ता बनाकर खनन माफिया यमुना से रेत लेकर निकलते थे। इसका वह विरोध कर रहे थे। रायपुर निवासी अवैध खनन में लिप्त एक युवक को पुलिस ने गिरफ्तार भी किया। यह दिल्ली पुलिस में तैनात सिपाही का बेटा है।
युवक पुलिस रिकार्ड में खनन माफिया के रूप में हाल ही में चिह्नित हुआ था। इसके खिलाफ इलाके में वैध खनन करने वाले ठेकेदार व एसडीएम ने अलग-अलग मामले दर्ज कराए थे।
27 जून को पुलिस ने इसे गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। बीस जुलाई को यह जेल से बाहर निकला है। दबी जुबान में ग्रामीण हत्या के पीछे इसी का हाथ मान रहे हैं।
किसान ने बताया था जान का खतरा
युवक की गिरफ्तारी के दौरान खुलासा हुआ था कि ओखला बैराज चौकी पर तैनात दो सिपाहियों ने इसे संरक्षण दे रखा था। दोनों सिपाही एक बड़े राजनेता के रिश्तेदार हैं।
शासन से खनन माफिया के खिलाफ कार्रवाई का दबाव बनने पर स्थानीय पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेजा। पालेराम ने भी एक माह पहले जान का खतरा बताते हुए पुलिस से गुहार लगाई थी, लेकिन पुलिस ने अनसुनी कर दी।
‘अपनी जमीन से जबरन रास्ता बनाने को लेकर पालेराम का विवाद कुछ लोगों से चल रहा था। परिजनों ने इसी विवाद में हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस अन्य बिंदुओं पर भी जांच कर रही है। हत्याकांड में किसी को सीधे तौर पर नामजद नहीं किया गया है।’- योगेश सिंह, एसपी सिटी