हादसे के बाद मेरठ-हापुड़ रेलवे ट्रैक ठप हो गया। मालगाड़ी के लोको पायलट ने बताया कि ट्रैक पर दो युवक घूमते हुए दिखाई दिए। हॉर्न बजाते ही एक युवक ट्रैक से हट गया, लेकिन दूसरा इंजन के रेल गार्ड में फंस गया। इस कारण मेरठ से वाया हापुड़, प्रयागराज जाने वाली संगम और नौचंदी को खरखौदा स्टेशन पर रोकना पड़ा।
खरखौदा-हापुड़ स्टेशन के बीच शनिवार शाम करीब 7.50 बजे मेरठ की ओर से आ रही 116 कोच की मालगाड़ी के इंजन में युवक के फंसने से मौत हो गई। इससे मेरठ-हापुड़ रेलवे ट्रैक ठप हो गया। मालगाड़ी के लोको पायलट ने बताया कि ट्रैक पर दो युवक घूमते हुए दिखाई दिए। हॉर्न बजाते ही एक युवक ट्रैक से हट गया, लेकिन दूसरा इंजन के रेल गार्ड में फंस गया। इस कारण मेरठ से वाया हापुड़, प्रयागराज जाने वाली संगम और नौचंदी को खरखौदा स्टेशन पर रोकना पड़ा।
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रेलवे ट्रैक के बाधित होते ही अधिकारियों में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी लगने पर स्थानीय पुलिस, जीआरपी, आरपीएफ मौके पर पहुंचे। इंजन में फंसे युवक को मालगाड़ी को पीछे खिसकाकर निकाला गया। इसके बाद शव की शनाख्त हापुड़ स्थित जसरुपनगर निवासी जॉनी के रूप में हुई है। उसके शव को भाई राजू को सौंप दिया गया। इस कारण रात नौ बजे के बाद रेलवे ट्रैक सामान्य हो सका। इससे नौचंदी एक्सप्रेस को एक घंटे चार मिनट और संगम एक्सप्रेस को दो घंटे 34 मिनट तक खरखौदा स्टेशन पर रोकना पड़ा।
सहारनपुर से आया था मालगाड़ी का रैक
सहारनपुर से 116 मालगाड़ी का रैक मेरठ की ओर आया था। इसे सबसे बड़ी मालगाड़ी कहा जाता है। एक मालगाड़ी में अधिकतम 58 कोच होते हैं, लेकिन इसमें 58 अतिरिक्त जोड़ दिए गए। इस कारण भी दिक्कत झेलनी पड़ी। इससे पहले कैंट स्टेशन पर मालगाड़ी को रोककर मेरठ सिटी स्टेशन से खुर्जा जाने वाली खुर्जा पैसेंजर को रवाना किया गया।