देवबंद में तीन तलाक को चीरहरण जैसा बताने वाले सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान पर देवबंदी उलमा आगबबूला हो उठे हैं। उनका कहना है कि हिंदू धर्म को इस्लाम मजहब से जोड़कर इस प्रकार की मिसाल पेश करना मुसलमानों को तकलीफ पहुंचाने वाला है। साथ ही उलमा ने समान नागरिक संहिता वाले योगी के बयान को सिरे से खारिज कर दिया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तीन तलाक और समान नागरिक संहिता जैसे नाजुक मसलों पर टिप्पणी करके इस और हवा दे दी। तीन तलाक को चीरहरण जैसा बताने वाले योगी के बयान पर देवबंदी उलमा ने तीखी प्रक्रिया दी है। दारुल उलूम जकरिया के वरिष्ठ उस्ताद एवं फतवा ऑनलाइन के चेयरमैन मौलाना मुफ्ती अरशद फारुकी का कहना है कि जब किसी धर्म के बारे में जानकारी न हो तो उस पर किसी भी प्रकार की गलत टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि मुस्लिम स्कॉलरों ने हिंदू मसलों को उठाना शुरू कर दिया तो परेशानी खड़ी जाएगी। इसलिए बेहतर है योगी आदित्यनाथ किसी भी मसले पर बोलने से पहले उसकी जानकारी कर लें। अरबी के प्रसिद्ध विद्वान मौलाना नदीमुलवाजदी ने कहा कि योगी आदित्यनाथ ने जो मिसाल दी वह सरासर गलत है।
शरीयत के मुताबिक तीन तलाक कह देने से तलाक हो जाता है। योगी सूबे के मुख्यमंत्री हैं और उन्हें इसकी गरिमा का ध्यान रखकर ही बयानबाजी करनी चाहिए। क्योंकि वह किसी एक धर्म के मानने वाले लोगों के मुख्यमंत्री नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जहां तक समान नागरिक संहिता लागू करने का सवाल है तो इस पर मुस्लिम पसर्नल लॉ बोर्ड का रुख साफ है। यदि इसको लागू किया जाता है तो पर्सनल लॉ बोर्ड कानूनी लड़ाई लडे़गा और हर स्तर पर इसका विरोध किया जाएगा।
सोनू निगम का बयान तुच्छ मानसिकता रखने वाला
बॉलीवुड के मशहूर गायक सोनू निगम की अजान को लेकर की गई टिप्पणी पर देवबंदी उलमा ने जमकर भड़ास निकाली है। मौलाना नदीमुलवाजदी और मुफ्ती अरशद फारुकी ने कहा कि अजान का मकसद किसी को तकलीफ पहुंचाना नहीं बल्कि नमाज के लिए दावत देना है। जो एक पवित्र काम है। जो लोग हमेशा शोर शराबे में रहते हैं अगर वो इस तरह की बात करता है तो उसकी सोच पर हंसी आती है। मस्जिदों में अजान देना या फिर मंदिर में भजन चलाना और घंटियां बजाना है सभी कार्य धार्मिक परंपरा के अनुसार किए जाते हैं, इससे किसी को कोई तकलीफ नहीं होती। सोनू निगम ने अजान पर गलत टिप्पणी करके तुच्छ मानसिकता का परिचय दिया है।