मेरठ में पूर्व मंत्री हाजी याकूब को हापुड़ रोड स्थित मीट फैक्टरी के ध्वस्तीकरण पर हाईकोर्ट से फौरी राहत मिल गई है। इस मामले में अब अगली सुनवाई 26 अप्रैल को होगी, तब तक ध्वस्तीकरण पर अंतरिम रोक रहेगी। हालंकि पुलिस ने कुर्की की पूरी तैयारी कर ली है लेकिन उससे पहले ही याकूब ने कीमती सामान और गाड़ियां रिश्तेदारों के यहां भिजवाना शुरू कर दिया है।
पुलिस पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी और उसके परिवार की घेराबंदी करने में लगी है। कोर्ट से अभी उनको कोई राहत नहीं मिली है। कुर्की वारंट की भी तलवार भी लटकी है। इसको देखते शनिवार को याकूब व उसके बेटों की लग्जरी गाड़ी मेरठ में ही एक रिश्तेदार के यहां पर खड़ी कर दी। घर का सामान भी रिश्तेदारों के यहां पहुंचाया जा रहा है।
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हापुड़ रोड स्थित याकूब कुरैशी की फैक्टरी में अवैध तरीके से मीट की पैकिंग पकड़ी थी। पुलिस ने दस लोगों को मौके से गिरफ्तार किया था। याकूब, उनकी पत्नी संजीदा और दोनों बेटे इमरान, फिरोज भी मुकदमे में नामजद है।
गिरफ्तारी वारंट लेकर पुलिस उनकी तलाश में दबिश दे रही है। याकूब हाईकोर्ट में गए, लेकिन अभी वहां से कोई राहत नहीं मिली। एसपी देहात केशव कुमार ने बताया कि याकूब और उसके परिवार को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की चार टीम गठित की है। अब उनकी तलाश में ताबड़तोड़ दबिश दी जाएगी।