फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विश्व जल दिवस : मेरठ में तेजी से गिर रहा भूजल स्तर, इन इलाकों पर मंडरा रहा खतरा

Tue, 22 Mar 2022 02:36 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

ताजा आंकड़ों के अनुसार मेरठ के शास्त्रीनगर, जागृति विहार, गढ़ रोड, दिल्ली रोड क्षेत्र में भी जलस्तर 20 मीटर से नीचे पहुंच चुका है।
विज्ञापन
water new - फोटो : istock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जल है तो कल है। इस महज एक नारा नहीं हकीकत है। तेजी से गिरते भूगर्भ जलस्तर की वजह से आने वाले समय में मेरठ जिले में भयावह जल संकट हो सकता है। शहर में शास्त्रीनगर और जागृति विहार और देहात में खरखौदा, माछरा, रजपुरा ब्लॉक अतिदोहित की श्रेणी में हैं। ऐसे में जल संचयन के लिए हर व्यक्ति के स्तर पर छोटे-छोटे और संस्थाओं के स्तर पर सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। 

विज्ञापन


भूगर्भ जल विभाग हर वर्ष मानसून खत्म होने के बाद आंकड़े जारी करता है। ताजा आंकड़ों के अनुसार शास्त्रीनगर, जागृति विहार, गढ़ रोड, दिल्ली रोड क्षेत्र में भी जलस्तर 20 मीटर से नीचे पहुंच चुका है। गढ़ रोड, नौचंदी और कुटी क्षेत्र में भी हालात ठीक नहीं हैं। यह सभी शहर के महत्वपूर्ण आवासीय इलाके हैं। 

ऐसे गिर रहा भूजल स्तर (मीटर में)
 वर्ष    2021      2020
 जेल चुंगी     23.94     24.28
 माल रोड     23.52     21.72 
 पीएसी छठी 
 वाहिनी     17.16     16.57 
 सीसीएस विवि     24.24     24.57 
 मेडिकल कॉलेज 
 गढ़ रोड     23.33     23.01
 नौचंदी     26.08     25.41
 कुटी     25.44    25.32

ब्लॉकों की स्थिति (मीटर में)
 वर्ष     2021      2020 
 दौराला     11.61      11.79
 हस्तिनापुर     8.41    8.71
 जानीखुर्द    4.59    5.48
 खरखौदा     21.73    21.91
 माछरा    14.82    15.27
 मवाना     9.97    10.99
 परीक्षितगढ़    11.54    12.18
 रजपुरा    21.73    21.44
 रोहटा    9.78    10.11
 सरधना     6.45    7.61
 सरुरपुर    11.31    13.43
 मेरठ    19.24    18.84
 

विज्ञापन

इनसे सीखें : क्लब -60 के मॉडल बचा रहे जल
शास्त्रीनगर स्थित क्लब-60 ने टैगोर पार्क में जल बचाने के लिए ऐसे कई मॉडल अपनाएं हैं। इनके पार्क में स्प्रिंकलर सिस्टम, रेनवाटर हार्वेंस्टिंग सिस्टम है। सड़क का पानी 40 ट्रैंच से क्यारियों में पहुंचाया जाता है। यहां के लोगों ने घड़ा सिंचन पद्धति से पांच वर्ष में हजारों लीटर जल बचाया। उनके इन मॉडल की हर तरफ चर्चा है। केंद्र सरकार की टीम ने भी उनके इस कार्यों पर डॉक्यूमेंट्री तैयार की है।

गांव-गांव जाकर लगा रहे जल चौपाल
एनवायरमेंट क्लब में युवा सदस्य हर रविवार को गांव-गांव जाकर जल चौपाल लगाते हैं। उन्होंने प्रथम चरण में 25 गांवों में जागरूकता करने का प्लान तैयार किया है। अभी तक 16 गांव में जागरूकता के लिए जल चौपाल लगाई है। वह अभी तक खड़ौली, अरनावाली, पेपला, लखवाया, जंगेठी, आजमपुर,पूठ आदि गांवों में चौपाल लगा चुके हैं।

57 ग्राम पंचायतों में बना जल संचयन प्लान
रजपुरा और खरखौदा ब्लॉक में गिरते जलस्तर को रोकने के लिए 57 ग्राम पंचायतों में जल संचयन योजना तैयार कराई गई है। किसानों को जागरूक किया जा रहा है। किसानों को गन्ना के अलावा कम सिंचाई वाली फसलें उगाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इसेसे पानी की बचत होगी। वहीं, अटल भूजल योजना में कई स्थानों पर पानी की टंकी का निर्माण भी कराया जा रहा है।  - नौरत्न कमल, भू-भौतिकविद, भूगर्भ जल विभाग
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें