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विश्व बाघ दिवस पर विशेष: अमानगढ़ में गूंज रही रॉयल बंगाल टाइगर की दहाड़, बढ़ रहा कुनबा, कई शावक दिखे  

Wed, 29 Jul 2020 01:49 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर

सार

  • अमानगढ़ में बढ़ रही रॉयल बंगाल टाइगर की दहाड़ की गूंज
  • अब अमानगढ़ में दिख रहे हैं मां के साथ शावक भी
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बंगाल टाइगर (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के बिजनौर में अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में रॉयल बंगाल टाइगर की दहाड़ की गूंज पहले से ज्यादा तेज हो रही है। यहां बाघों की संख्या में इजाफा हो रहा है। पिछले साल हुई गणना में अमानगढ़ में 22 बाघ दिखे थे। इनमे कोई भी शावक नहीं था। सभी व्यस्क थे। लेकिन इस साल वन विभाग के अफसरों व कर्मचारियों को अमानगढ़ में कई बार बाघिन के साथ शावक भी दिखे हैं। इससे बाघों की संख्या में पहले से ज्यादा वृद्धि होना तय है। अमानगढ़ वन रेंज में बाघों की बढ़ती संख्या प्रकृति संरक्षण में लगे लोगों और संस्थाओं के लिए शुभ संकेत हैं।
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भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों में से एक है जहां पर बाघ और बब्बर शेर का सहअस्तित्व है। यहां पर दोनों ही प्रजाति मिलती हैं। हाल ही में गुजरात के गिर जंगल का रकबा और वहां शेरों की आबादी दोनों बढ़ी हैं।

इसी तरह की अच्छी खबरें अमानगढ़ टाइगर रिजर्व से भी सामने आ रही हैं। अमानगढ़ में पहली बार साल 2009 में बाघों की गणना हुई थी। तब अमानगढ़ में 12 बाघ मिले थे।
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पिछले साल अमानगढ़ में वर्ल्ड वाइल्ड फंड द्वारा ट्रैप कैमरे से बाघों की गिनती हुई थी। ट्रैप कैमरे बहुत संवेदनशील होते हैं और इनके सामने से जरा भी हलचल होने पर ये उसका फोटो खींच लेते हैं। ट्रैप कैमरे से पिछले साल हुई गणना में 22 बाघ मिले थे। उनमे कोई शावक नहीं था। लेकिन इसके बाद अमानगढ़ में कई बार मादा बाघ को अपने दो-दो शावकों के साथ घूमते हुए देखा गया है। इस साल भी अमानगढ़ में ट्रैप कैमरे लगाकर बाघों की गणना की गई है लेकिन इसके आंकड़े अभी तक सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।

बाघ की संख्या बढ़ने से गुलदार छोड़ रहे वन
अमानगढ़ में बाघों की संख्या बढ़ने के संकेत खुद प्रकृति भी दे रही है। बाघ अमानगढ़ का सबसे बड़ा शिकारी है। बाघ गुलदार को आसानी से मार देता है। हाल ही में गुलदारों के वन को छोड़कर गांवों के आसपास देखे जाने के मामले बहुत बढ़े हैं। बाघ की संख्या जब बढ़ती है तो गुलदार उनके इलाके को छोड़कर खेतों की ओर चले जाते हैं।

मां सिखाती है शिकार करना
बाघ कभी जोड़े में नहीं रहता है। वह केवल प्रणय के समय ही कुछ समय के लिए साथ रहते हैं। मादा गुलदार ही शावकों को पालती है और उन्हें शिकार करना सिखाती है। शावक अपने जीवन का पहला शिकार अपने मां के साथ मिलकर ही करते हैं।

मादा बाघ के साथ दिखे शावक
डीएफओ डा.एम सेम्मारन के मुताबिक अमानगढ़ में लगाए गए ट्रैप कैमरों में बाघ की काफी साइट कैद हुई थी। कई बार कर्मचारियों को मादा बाघ के साथ शावक भी दिखे हैं। लेकिन वर्ल्ड वाइल्ड फंड की ओर से अभी तक बाघों की संख्या की घोषणा नहीं की गई है।

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