पिछले साल अमानगढ़ में वर्ल्ड वाइल्ड फंड द्वारा ट्रैप कैमरे से बाघों की गिनती हुई थी। ट्रैप कैमरे बहुत संवेदनशील होते हैं और इनके सामने से जरा भी हलचल होने पर ये उसका फोटो खींच लेते हैं। ट्रैप कैमरे से पिछले साल हुई गणना में 22 बाघ मिले थे। उनमे कोई शावक नहीं था। लेकिन इसके बाद अमानगढ़ में कई बार मादा बाघ को अपने दो-दो शावकों के साथ घूमते हुए देखा गया है। इस साल भी अमानगढ़ में ट्रैप कैमरे लगाकर बाघों की गणना की गई है लेकिन इसके आंकड़े अभी तक सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
बाघ की संख्या बढ़ने से गुलदार छोड़ रहे वन
अमानगढ़ में बाघों की संख्या बढ़ने के संकेत खुद प्रकृति भी दे रही है। बाघ अमानगढ़ का सबसे बड़ा शिकारी है। बाघ गुलदार को आसानी से मार देता है। हाल ही में गुलदारों के वन को छोड़कर गांवों के आसपास देखे जाने के मामले बहुत बढ़े हैं। बाघ की संख्या जब बढ़ती है तो गुलदार उनके इलाके को छोड़कर खेतों की ओर चले जाते हैं।
मां सिखाती है शिकार करना
बाघ कभी जोड़े में नहीं रहता है। वह केवल प्रणय के समय ही कुछ समय के लिए साथ रहते हैं। मादा गुलदार ही शावकों को पालती है और उन्हें शिकार करना सिखाती है। शावक अपने जीवन का पहला शिकार अपने मां के साथ मिलकर ही करते हैं।
मादा बाघ के साथ दिखे शावक
डीएफओ डा.एम सेम्मारन के मुताबिक अमानगढ़ में लगाए गए ट्रैप कैमरों में बाघ की काफी साइट कैद हुई थी। कई बार कर्मचारियों को मादा बाघ के साथ शावक भी दिखे हैं। लेकिन वर्ल्ड वाइल्ड फंड की ओर से अभी तक बाघों की संख्या की घोषणा नहीं की गई है।
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