मेडिकल कॉलेज में मरीज को कमरा नंबर 18 की लिवर ओपीडी में दिखाना होता है। जांच में हेपेटाइटिस सी की पुष्टि होने पर इलाज शुरू किया जाता है। तीन माह दवाइयां खाने के बाद दोबारा जांच होती है। ठीक होने पर दवाएं बंद हो जाती हैं।
ये हैं इस बीमारी के मुख्य कारण
- दूषित सिरिंज का उपयोग करना।
- दूषित रेजर या टूथब्रश का इस्तेमाल।
- दूषित रक्तदान, अंगदान या लंबे समय तक डायलिसिस द्वारा।
- दूषित सुई से टैटू बनवाना या एक्यूपंचर करवाना।
- असुरक्षित यौन संबंध।
ऐसे करें रोकथाम
- साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
- टैटू के लिए स्टरलाइज निडिल का इस्तेमाल।
- अपने टूथब्रश और रेजर किसी के साथ साझा न करें।
- शराब का सेवन न करें या अत्यंत कम मात्रा में करें।