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World Hepatitis Day: युवाओं पर हेपेटाइटिस का वार, इन कारणों से होती है यह बीमारी

Thu, 28 Jul 2022 11:12 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेडिकल के प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता ने बताया कि कोई भी ऐसा कार्य या गतिविधि जिसमें खून से खून का संपर्क होने की आशंका है, संक्रमण का संभावित स्रोत हो सकता है।
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WORLD HEPATITIS DAY - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हेपेटाइटिस एक खतरनाक बीमारी है। इसकी चपेट में बड़ी संख्या में पश्चिमी उप्र के युवा आ रहे हैं। खासकर हेपेटाइटिस सी का हमला ज्यादा है। एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में ऐसे नौ हजार से ज्यादा मरीजों का इलाज चल रहा है।

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ये मरीज मेरठ के अलावा गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, हापुड़, बुलंदशहर, बागपत, मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर, बिजनौर, रामपुर, मुरादाबाद और अमरोहा आदि जिलों के हैं। हालांकि सावधानी और बेहतर इलाज से इसे ठीक किया जा सकता है। इस बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 28 जुलाई को विश्व हेपेटाइटिस दिवस मनाया जाता है।

मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता ने बताया कि कोई भी ऐसा कार्य या गतिविधि जिसमें खून से खून का संपर्क होने की आशंका है, संक्रमण का संभावित स्रोत हो सकता है। आंकड़ों के अनुसार, दुनियाभर में हर 30 सेकेंड में एक व्यक्ति की मौत हेपेटाइटिस की वजह से हो जाती है। मेडिकल माइक्रोबायोलॉजी लैब प्रभारी डॉ. अमित गर्ग ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय के राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम के तहत मेडिकल कॉलेज में हेपेटाइटिस सी के मरीजों का इलाज किया जा रहा है।
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मेडिकल कॉलेज में मरीज को कमरा नंबर 18 की लिवर ओपीडी में दिखाना होता है। जांच में हेपेटाइटिस सी की पुष्टि होने पर इलाज शुरू किया जाता है। तीन माह दवाइयां खाने के बाद दोबारा जांच होती है। ठीक होने पर दवाएं बंद हो जाती हैं।

ये हैं इस बीमारी के मुख्य कारण
  • दूषित सिरिंज का उपयोग करना।
  • दूषित रेजर या टूथब्रश का इस्तेमाल।
  • दूषित रक्तदान, अंगदान या लंबे समय तक डायलिसिस द्वारा।
  • दूषित सुई से टैटू बनवाना या एक्यूपंचर करवाना।
  • असुरक्षित यौन संबंध।

ऐसे करें रोकथाम
  • साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
  • टैटू के लिए स्टरलाइज निडिल का इस्तेमाल।
  • अपने टूथब्रश और रेजर किसी के साथ साझा न करें।
  • शराब का सेवन न करें या अत्यंत कम मात्रा में करें।
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