केस एक
हापुड़ रोड पर रहने वाली महिला (63) को अल्जाइमर है। उनके बेटे का कहना है कि वह अक्सर किचिन और बाथरूम का अंतर भूल जाती हैं। उन्हें याद नहीं रहता खाना खाया था या नहीं। बच्चों से भी उनकी ज्यादा देखभाल करनी पड़ती है।
केस दो
ब्रह्मपुरी के रहने वाले के अल्जाइमर पीड़ित एक बुजुर्ग(69) के पुत्र बताते हैं कि उनके पिता अपने फोटो तक नहीं पहचान पाते हैं। दवाओं के ज़रिए थोड़ी राहत रहती है। उनकी दादी को भी यह बीमारी थी, शायद यह आनुवंशिक है।
नाश्ते और खाने का समय बिल्कुल निश्चित रखें। पुराने फोटोग्राफ उनके पास रखने चाहिए। अल्जाइमर का मरीज अपने पड़ोस में भी खो जाता हैं। वह यह भूल जाता है कि वह कहां है, वहां वह कैसे आया और घर वापस कैसे जाना है। अमूमन यह 60 से 65 वर्ष की उम्र में शुरू हो सकता है। -डॉ. विभा नागर, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट, जिला अस्पताल
बादाम और अन्य सूखे मेवे दिमाग के लिए फायदेमंद हैं। फूलगोभी के सेवन से भी दिमाग तेज होता है। अगर बढ़ती उम्र में लोग अपना काम खुद करते हैं तो उन्हें अल्जाइमर रोग होने का खतरा कम होता है और स्मरणशक्ति तेज होती है। - डॉ. रवि राणा, मनोचिकित्सक