जिला मलेरिया अधिकारी सत्यप्रकाश ने बताया कि बरसात के मौसम को देखते हुए घरों में जल पात्रों और कूलरों की जांच की जा रही है। ग्राम प्रधान, ब्लॉक प्रमुख, शिक्षा विभाग और पंचायती राज विभाग आदि का सहयोग लिया जा रहा है। काफी संख्या में लार्वा मिल रहे हैं।
अगर दोबारा भी इन्हीं घरों में लार्वा मिले तो जुर्माना लगाया जा सकता है। इस बार दस्तक अभियान के तहत चिन्हित संभावित मरीजों की सूची सीधे ई-कवच पर अपलोड की जाएगी। यह काम अभियान में जुटीं आशा कार्यकर्ता करेंगी। जुलाई-अगस्त में मच्छर जनित रोग बढ़ते हैं।
यह बरतें सावधानी
घर व आसपास साफ सफाई रखें। अनावश्यक रूप से पानी न भरा रहने दें। आमतौर पर बरसात में घर की छतों पर रखे गैर उपयोगी पात्रों में पानी भर जाता है, जिसमें मच्छर पनपने लगते हैं, कोशिश करें कहीं भी पानी न भरे।