जिस व्यक्ति ने अपनी बेटी को जिंदा रहते हुए कभी अकेला नहीं छोड़ा। वह कहीं खुद बेटी को साथ लेकर आते-जाते थे। उसकी मौत के बाद शव छोड़कर पांच महीने के लिए क्यों चले गए। उसने पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी। बेटी के शव का पोस्टमार्टम क्यों नहीं कराया। तेली मोहल्ले में बेटी प्रियंका विश्वास (33) की मौत और पिता उदयभानु विश्वास के कुछ दिन शव के साथ रहने और फिर पांच माह के लिए लापता होने पर लोग तरह-तरह के सवाल खड़े कर रहे हैं।
प्रियंका की मौत की सदर बाजार थाना पुलिस गहनता से जांच कर रही है। वहीं शनिवार को तेली मोहल्ले में प्रियंका की मौत और उसके पिता के शव छोड़कर जाने की लोग जगह-जगह चर्चा कर रहे थे। प्रियंका और उदयभानु के घर के पास स्थित एक दुकान पर लोग इस संबंध में बात कर उदयभानु की कृत्य पर सवाल खड़े कर रहे थे। महिला रीतु ने बताया कि उन्होंने कई बार उदयभानु को उनकी बेटी के साथ ई-रिक्शा में जाते हुए देखा है। वह पैदल बेटी को लेकर मुख्य मार्ग तक आते और यही से रिक्शा करते थे। प्रियंका का मुंह अक्सर दुपट्टे से ढंका रहता था। कभी-कभी दुकान से चिप्स आदि भी खरीदती थी। उन्होंने कभी प्रियंका को अकेले नहीं देखा। महिला का कहना था कि पुलिस को उदयभानु से पूछना चाहिए कि उनकी पत्नी शमिष्ठा ने खुदकुशी क्यों की और प्रियंका की शादी क्यों नहीं की। ऐसे सवालों से पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकती है।
एक अन्य दुकान पर इस घटना को लेकर चर्चा कर रहे युवकों से पूछताछ की गई तो उन्होंने भी कहा कि उदयभानु हमेशा प्रियंका को साथ लेकर जाते थे और साथ लेकर ही ई रिक्शा में घर तक लौटते थे। राहुल नाम के युवक ने बताया कि वह किसी से बात नहीं करते थे और न ही किसी से संबंध रखते थे। उन्होंने कभी भी प्रियंका को किसी रिश्तेदार या सहेली के भी साथ नहीं देखा था। लोगों का कहना है कि अगर बीमार से प्रियंका की मौत हुई थी तो परिजनों और पड़ोसियों को इसकी जानकारी क्यों नहीं दी। प्रियंका के शव का अंतिम संस्कार क्यों नहीं किया।
फोन पर कहा था देहरादून में बेटी के साथ हूं
पड़ोस में रहने वाले सुनिर्मल विश्वास ने बताया कि चाचा उदयभानु विश्वास और चचेरी बहन प्रियंका विश्वास के लापता होने के बाद पूरा परिवार परेशान था। उन्होंने लगभग साढ़े तीन महीने पहले चाचा के मोबाइल पर कॉल की थी लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। एक दोस्त के मोबाइल से कॉल की तो उन्होंने कहा कि वह ठीक हैं और प्रियंका भी ठीक है। उन्होंने कहा था कि वह देहरादून में हैं।
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