अंतरराष्ट्रीय जाट संसद
- फोटो : Amar Ujala
प्रतिभाओं को किया सम्मानित
कार्यक्रम में जाट समाज के प्रबुद्ध लोग, बिजनेसमैन, खिलाड़ी, प्रोफेसर, वैज्ञानिक, कलाकार, राजनेताओं को सम्मानित किया गया। संयोजक रामावतार पलसानियां व परमेश्वर कलवानियां ने इनका स्वागत किया। उन्होंने बताया कि जाट संसद कला, शिक्षा, साहित्य, संस्कृति, रोजगार सृजन व गौरवशाली जाट इतिहास को लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य पर कार्य कर रही है।
इन्होंने भी विचार व्यक्त किए
भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष मोहित बेनीवाल, पूर्व विधायक उमेश मलिक, सहारनपुर जिला पंचायत अध्यक्ष मांगेराम चौधरी, बुलंदशहर की जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. अंतुल तेवतिया, अतुल कुमार, जिला जाट सभा मेरठ के अध्यक्ष रवींद्र मलिक, सपा प्रवक्ता डॉ. सुधीर पंवार, अभिनेता बिंदर दनोदा, एनडी जाट, चौधरी प्रेम सिंह, प्रीत सिंधू, अखिल भारतीय जाट महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुभाष चौधरी, पूर्व विधायक उमेश मलिक, भाकियू वर्मा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा, सहकारी समिति के चेयरमैन अमरजीत पंवार, नीरज जिटौली आदि ने भी विचार व्यक्त किए।
चौधरी यशपाल सिंह सम्मेलन को संबोधित करते
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बेगमपुल स्टेशन का नाम चौधरी चरण सिंह के नाम पर हो
कार्यक्रम में बेगमपुल पर बन रहे रैपिड रेल स्टेशन का नाम पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के नाम से किए जाने की मांग की गई। वीर गौकुला, महाराजा सूरजमल, महारानी किशोरीदेवी, धन्ना भगत, कर्माबाई, वीर तेजाजी महाराजा रणजीत सिंह, राजा नाहरसिंह, सेठ छाजूराम लांबा, सर छोटूराम, चौधरी चरण सिंह, राजा महेंद्रप्रताप, बाबा महेंद्र सिंह टिकैत, बाबा शाहमल तोमर, चौधरी देवीलाल, चौधरी कुम्भाराम आर्य आदि जाट महापुरुषों के गौरवशाली इतिहास को राज्य और केंद्रीय शिक्षा के पाठ्यक्रम में शामिल करने की भी मांग की गई।
हरेंद्र मलिक के बेबाक तेवर, यशपाल मलिक से हुई कहासुनी
जाट संसद में संबोधन के दौरान पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक बेबाक तेवर में नजर आए। उन्होंने आरक्षण के मुद्दे जब कहा, यहां बैठे रिटायर्ड आईएएस एसके वर्मा ने आरक्षण के मसले में हमारी और यशपाल की मदद की, तो मंच पर बैठे यशपाल मलिक ने इसका विरोध किया, जिस पर हरेंद्र मलिक ने कहा कि यशपाल जी आप झूठ बोल रहे हैं, हमें झूठा बता रहे हैं, हम झूठ नहीं बालते, किसी ओर को छेड़ियों, मुझे छेड़ने की कोशिश ना करो। इतना कहने के बाद हरेंद्र मलिक ने धन्यवाद कर अपना भाषण खत्म किया और मंच से उतर कर चले गए। यह नोकझोंक चर्चा का विषय बन गई। सोशल मीडिया पर भी यह खूब वायरल हो रही है।
अंतरराष्ट्रीय जाट संसद
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युवा, बुजुर्गों को सोचने की जरूरत : गौरव चौधरी
जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी ने कहा, जाट समाज कष्टों और परेशानी से जूझ रहा है। जाट समाज का सामाजिक और राजनीतिक नेतृत्व कमजोर हो चुका है। जाट समाज के युवा और बुजुर्गों को सोचने समझने की जरूरत है। समय रहते परिस्थिति को नहीं समझे तो आने वाले समय में हालात बद से बदतर हो सकते हैं।
समाज की स्थिति चिंताजनक : हरेंद्र मलिक
पूर्व सांसद व सपा के राष्ट्रीय महासचिव हरेंद्र मलिक ने समाज की स्थिति पर चिंता जताई। कहा कि विकट समय में हम जी रहे हैं। हमारे हालात बहुत खराब हैं। हमें अपनी पीढ़ी के लिए चिंतन करना होगा। नौजवान नशे के दलदल में फंसा है। उसे सही राह दिखानी होगी। शिक्षा के क्षेत्र में हमें और कार्य करना होगा। मंचासीन लोग भी शिक्षा के लिए काम करें, ताकि समाज के युवाओं को रोजगार मिल सके। हमारा गौरवशाली इतिहास रहा है। हम अपनी पीढ़ी के लिए क्या कर रहे है, यह हमें सोचना होगा।
रोजगार के लिए आरक्षण जरूरी : यशपाल मलिक
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय संयोजक यशपाल मलिक ने कहा कि समाज के उत्थान और युवाओं को रोजगार के लिए आरक्षण जरूरी है। समाज आरक्षण के लिए संघर्ष करते रहे। आरक्षण लेना है तो राजनीति से ऊपर उठना पड़ेगा। सत्ता में मौजूद समाज के लोगों को भी सदन में इसकी मांग उठानी होगी। उन्होंने कहा, संगठनों पर कब्जा करना बंद कर हमें एकजुट होना पड़ेगा।