मौसम विशेषज्ञों की मानें तो मंगलवार से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जो 25 मई तक रहेगा। आंधी व बूंदाबांदी होने के आसार हैं। फिलहाल, मौसम में आ रहे परिवर्तन के चलते गर्मी के तेवर तल्ख हो गए हैं। गर्मी से लोगों का बुरा हाल है। विद्युत आपूर्ति में भी कटौती होने लगी है। मौसम कार्यालय पर अधिकतम तापमान 41.4 डिग्री व न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रिकाॅर्ड किया गया। मौसम वैज्ञानिक डाॅ. यूपी शाही का कहना है कि बढ़ते प्रदूषण के साथ गर्मी का असर बढ़ा है।
लगातार बढ़ रही गर्मी
एडीएम वित्त पंकज वर्मा ने लू के प्रकोप से बचाव/प्रबंधन के लिए संबंधित विभागों एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण मेरठ को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आपदा विशेषज्ञ दीपक कुमार ने बताया कि जलवायु परिवर्तन और वैश्विक तापमान में वृद्धि के कारण पूरे देश में गर्मी लगातार बढ़ रही है। ग्रीन हाउस गैसों के अधिक उत्सर्जन का भी प्रभाव है। हाल के वर्षों में हीटवेव भारत में भी एक जलवायु संबंधी खतरे के रूप में उभरी है।
बचाव के उपाय बताए
-घर से बाहर निकलते समय गमछा, टोपी, चश्मा एवं छाते का प्रयोग करें
-हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें
-पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ जैसे छाछ, लस्सी, नमक चीनी का घोल, नींबू का पानी का सेवन करें
-पानी ज्यादा पिये, निर्जलीकरण से बचने के लिए ओआरएस घोल का प्रयोग करें
-यात्रा करते समय पानी हमेशा साथ में रखें
-संतुलित हल्का व नियमित भोजन करें, खाना बनाते समय की खिड़की, दरवाजे एवं रात को खिड़कियां खुली रखें
खानपान का ध्यान रखें, ढीले कपड़े ही पहनें
फिजिशियन डॉ. विश्वजीत बैंबी ने बताया कि लू लगना गंभीर समस्या होती है। खानपान का ध्यान रखें। शरीर को ठंडा रखने के लिए नियमित स्नान करें। फुल स्लीव के ढीले-ढाले कपड़े पहनें। आंखों को भी बचाकर रखें। अगर लक्षण गंभीर हों तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
बच्चे, गर्भवती और बुजुर्ग अधिक सतर्क रहें
बच्चे, गर्भवती महिला और बुजुर्ग विशेष सतर्क रहें। कमजोरी, सिर दर्द, उल्टी महसूस, मांसपेशियों में ऐंठन हो और चक्कर आए तो तुरंत डाॅक्टर को दिखाएं। लू से प्रभावित व्यक्ति को छांव में लिटाकर ठंडे पानी से नहलाएं। चाय, काफी का सेवन न करें, तेज धूप में बाहर न निकलें, अधिक गर्मी में व्यायाम न करें, धूप में खडे़ वाहनों में बच्चों एवं पालतू जानवरों को न छोड़े। अधिक प्रोटीन वाले और बासी खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।