संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। अप्रैल माह शुरू होते ही क्षेत्र में गेहूं की कटाई का सीजन शुरू हो गया है। किसान गेहूं की फसल को सुरक्षित घर तक पहुंचाने की तैयारी में जुटे हैं लेकिन पिछले एक सप्ताह से बदले मौसम ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण कटाई का कार्य प्रभावित हो रहा है।
पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बूंदाबांदी और बीच-बीच में तेज बारिश ने खेतों में खड़ी और कटी हुई गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचाने का खतरा बढ़ा दिया है। कई स्थानों पर कटाई के बाद खेतों में पड़ी फसल भीगने से खराब होने लगी है जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान की आशंका सता रही है।
सुंदर सिंह, महेंद्र सिंह, जगजीत सिंह, अमित आदि किसानों का कहना है कि इस समय मौसम साफ रहने की सबसे ज्यादा जरूरत होती है ताकि कटाई और मड़ाई का कार्य तेजी से पूरा किया जा सके। लेकिन बार-बार हो रही बारिश से खेतों में नमी बढ़ गई है, जिससे हार्वेस्टर और अन्य मशीनों के संचालन में भी दिक्कत आ रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों में किसान मौसम साफ होने का इंतजार कर रहे हैं ताकि गेहूं कटाई का कार्य दोबारा शुरू किया जा सके। वहीं मौसम के बदले मिजाज ने किसानों की मेहनत पर पानी फेरने का काम कर दिया है। यदि आने वाले दिनों में मौसम साफ नहीं रहा तो गेहूं की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों पर असर पड़ सकता है। क्षेत्र में पिछले एक सप्ताह से गेहूं की कटाई का कार्य चल रहा है। खेतों में गेहूं कटे पड़े हुए हैं परंतु मौसम के बदले मिजाज ने किसानों को परेशान कर दिया है और उनका यह कार्य प्रभावित कर दिया है। फिलहाल सभी की नजरें मौसम पर टिकी हुई हैं।