ये होगा बदलाव
फाइल टाइम मैनेजमेंट सिस्टम : अगर आपके कार्य की कोई फाइल या समस्या लंबित हैं तो उसे डिजिटल माध्यम से पता लगाया जा सकेगा। इसके लिए फाइल टाइम मैनेजमेंट सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है। इसमें पता लगेगा कि कितने दिनों तक किस अधिकारी ने अपने पास फाइल को रखा।
सुरक्षा का भरोसा : आग, भूकंप आदि से बचाव के लिए भी उपाय किए जाएंगे। इसके लिए भी आईएसओ प्रमाणित में अलग से स्थान दिया गया है। विकास भवन में आने वाले लोगों को हर तरह की सुविधा का भरोसा देना होगा।
कार्य सूची : हर कार्यालय के बाहर सभी कर्मचारियों का नाम लिखा होगा। उन कर्मचारियों के नाम के आगे उनके संबंधित कार्य लिखे होंगे। जिससे संबंधित शिकायती पत्र उसे ही दिया जा सके।
ये प्रमुख कार्यालय विकास भवन में मौजूद
समाज कल्याण : सबसे महत्वपूर्ण कार्यालय में इसका नाम शामिल है। यहां छात्रवृत्ति, वृद्वावस्था पेंशन, पारिवारिक लाभ योजना, सामूहिक विवाह आदि योजनाओं का लाभ मिलता है।
ग्राम्य विकास विभाग : गांव में होने वाले विकास कार्यों से लेकर स्वयं सहायता समूहों को जोड़ने की जिम्मेदारी विभाग की है।
पंचायती राज विभाग : इस विभाग का भी गांव के विकास में अहम योगदान है। इस कार्यालय में भी रोजाना प्रधान, सचिव सहित अन्य लोगों का आना जाना लगा रहता है।
पशुपालन विभाग, बचत विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण, नेडा, कृषि विभाग, मत्स्य विभाग, सहकारिता विभाग, मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय, जिला विकास अधिकारी कार्यालय, परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास विभाग कार्यालय आदि मौजूद हैं।
विकास भवन अगले दो महीने में पूरी तरह बदला जाएगा। प्राइवेट कंपनियों की तर्ज पर वर्ककल्चर स्थापित किया जा रहा है। जिससे आमजन को किसी भी तरह की दिक्कत न हो सके। -शशांक चौधरी, मुख्य विकास अधिकारी