पहले से काफी ज्यादा हो गया कंटेनर का भाड़ा
सारू स्मैल्टिंग के एमडी संजीव जैन ने बताया कि जिले के उत्पादों का देश के राज्यों के अलावा अमेरिका, इंग्लैंड, फ्रांस, यूके सहित अन्य देशों में कारोबार होता है। वह मेरठ से धातु उत्पादों का निर्यात करते हैं। यूरोप में कोविड से पूर्व कंटेनल भेजने का भाड़ा 1500 डॉलर था, जो बढ़कर 6000 डॉलर तक हो गया है। वहीं, यूएसए में कंटेनर भेजने का भाड़ा 5000 से बढ़कर 12000 डॉलर तक पहुंच गया है। संजीव जैन ने बताया कि सरकार ने एमईआईएस स्कीम को खत्म कर दिया है। कुछ अन्य घरेलू नीतियां भी अभी परेशान कर रही हैं।
मांग पूरी करने में लगेगा तीन साल का समय
प्रीमियर लेग गार्ड के एमडी क्षितिज अग्रवाल ने बताया कि देश में 25 कंपनी कंटेनर बनाती हैं। पूरी क्षमता से भी अगर कंटेनर का निर्माण होगा तो भी मांग को पूरा करने में तीन वर्ष का समय लग जाएगा। उन्होंने कहा कि निर्यातकों के बाद ऑर्डर तो बढ़े हैं, लेकिन माल पहुंचाने में आ रही दिक्कतें अभी दूर नहीं हुई हैं।