विक्टोरिया पार्क में श्रद्धांजलि सभा में पहुंचे जावेद के पिता
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मेरठ के विक्टोरिया अग्निकांड को 19 साल बीत चुके हैं, लेकिन अब भी 226 परिवारों से जुड़े लोगों के घाव ताजा हैं। मृतकों के परिजनों को तब दो लाख और घायलों को 50 हजार से एक लाख मुआवजा देकर तत्कालीन सरकार पीड़ित परिवारों की समस्याओं को भूल गई। नई सरकार से गुहार लगाने के बाद भी पीड़ितों को इंसाफ का इंतजार है। अब कोर्ट ने हाल ही में मुआवजे के लिए गणना का आदेश दिया है।
मेरठ में 10 अप्रैल वर्ष 2006 को शहर के लोग भुला नहीं सकते। शाम चार बजे के आसपास की बात है। विक्टोरिया पार्क में पहली बार एसी पंडाल में विभिन्न आवश्यक वस्तुओं की दुकानें और प्रदर्शनी लगाई गई थी। आगमन और प्रस्थान के लिए एक ही द्वार बनाया गया था। प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोग यहां खरीदारी के लिए आ रहे थे। 10 अप्रैल को अचानक शॉर्ट सर्किट से पंडाल में आग लग गई।