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विक्टोरिया पार्क अग्निकांड: 19 साल बाद भी पीड़ितों को इंसाफ का इंतजार, मंजर देख कांप गई थी लोगों की रूह

Thu, 10 Apr 2025 12:50 PM IST
डिंपल सिरोही आशुतोष भारद्वाज, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ के विक्टोरिया अग्निकांड के पीड़ितों को 19 वर्ष बाद भी इंसाफ का इंतजार है। 10 अप्रैल वर्ष 2006 को हुए इस हादसे में 65 लोगों की माैत हो गई थी।
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विक्टोरिया पार्क में श्रद्धांजलि सभा में पहुंचे जावेद के पिता - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मेरठ के विक्टोरिया अग्निकांड को 19 साल बीत चुके हैं, लेकिन अब भी 226 परिवारों से जुड़े लोगों के घाव ताजा हैं। मृतकों के परिजनों को तब दो लाख और घायलों को 50 हजार से एक लाख मुआवजा देकर तत्कालीन सरकार पीड़ित परिवारों की समस्याओं को भूल गई। नई सरकार से गुहार लगाने के बाद भी पीड़ितों को इंसाफ का इंतजार है। अब कोर्ट ने हाल ही में मुआवजे के लिए गणना का आदेश दिया है।

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मेरठ में 10 अप्रैल वर्ष 2006 को शहर के लोग भुला नहीं सकते। शाम चार बजे के आसपास की बात है। विक्टोरिया पार्क में पहली बार एसी पंडाल में विभिन्न आवश्यक वस्तुओं की दुकानें और प्रदर्शनी लगाई गई थी। आगमन और प्रस्थान के लिए एक ही द्वार बनाया गया था। प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोग यहां खरीदारी के लिए आ रहे थे। 10 अप्रैल को अचानक शॉर्ट सर्किट से पंडाल में आग लग गई।

विक्टोरिया अग्निकांड आहत कल्याण समिति से जुड़े अपूर्व गुप्ता ने बताया कि पंडाल में निकास के लिए बहुत ही छोटा सा द्वार था। धुंआ और गैस होने के कारण काफी संख्या में लोग बेहोश हो गए। ऊपर से जलती हुई प्लास्टिक लोगों के सिर पर गिर रही थी। 

भगदड़ में 65 लोगों की मौत हो गई। 81 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। जिस व्यक्ति के सिर पर प्लास्टिक का हिस्सा गिरा उसके सिर के बाल तक उड़ गए। मुंह का बहुत से हिस्सा जल गया। 80 लोग थोड़े बहुत रूप घायल हुए। 

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मंजर देख कांप गई थी लोगों की रूह
विक्टोरिया पार्क अग्निकांड के दो घंटे बाद आग पर काबू पाया गया था। विक्टोरिया पार्क के आसपास के क्षेत्र में धुंआ था। अचानक हवा का झोंका आया तो धुएं का गुबार गायब हो गया। पंडाल में फर्श पर हर तरफ शव दिखाई दे रहे थे। फोर्स की गाड़ियों में 65 शवों को मोर्चरी भेजा गया। समिति सचिव संजय गुप्ता ने बताया कि शहर के हर बड़े अस्पताल में घायल भर्ती थे।

पीड़ित परिवारों का हाल जानने पहुंचे
विक्टोरिया पार्क अग्निकांड के बाद राजनीतिक लोग घायलों का हालचाल जानने के लिए मेरठ पहुंचे। अध्यक्ष सतीश चंद ने बताया कि समय के साथ लोग विक्टोरिया हादसे की गंभीरता को लोग भूलते जा रहे हैं। पीड़ित परिवारों के विषय में सभी को एकजुट होकर सोचना चाहिए। प्रतीक रस्तौगी ने कहा कि बृहस्पतिवार को घटनास्थल पर सुबह हवन और शाम को श्रद्धांजलि सभा होगी।
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